भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट को पीछे छोड़ते हुए बुधवार को जोरदार वापसी की। घरेलू और वैश्विक संकेतों से मिले सकारात्मक समर्थन के बीच निवेशकों ने बाजार में जमकर खरीदारी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में मजबूत तेजी दर्ज की गई।
दोपहर के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 630 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 76,830 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी करीब 156 अंकों की मजबूती के साथ 23,979 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 24,000 के स्तर को छूने के बेहद करीब पहुंच गया।
बाजार की इस शानदार रिकवरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत घटकर 76.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश को राहत मिली है। तेल की कीमतों में कमी का असर महंगाई, व्यापार घाटे और रुपये की स्थिरता पर सकारात्मक रूप से पड़ता है, जिसका सीधा फायदा शेयर बाजार को मिलता है।
बाजार की तेजी को आईटी और बैंकिंग सेक्टर ने भी मजबूत सहारा दिया। टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, इंफोसिस, टीसीएस और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि बाजार में हर तरफ हरियाली नहीं थी। मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, एनटीपीसी और टाटा स्टील जैसे कुछ बड़े शेयर दबाव में दिखाई दिए और इनमें गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद व्यापक खरीदारी के कारण बाजार का कुल रुख सकारात्मक बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का 77 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना भारतीय बाजार के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली में भी कमी देखने को मिल रही है।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार को समर्थन दिया है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हालिया कारोबारी सत्र में भी भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदारी की है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
बाजार में उत्साह बढ़ाने वाली एक और बड़ी खबर भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर आई। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देश एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। अगर यह समझौता होता है तो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई गति मिल सकती है और भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना भी मजबूत होगी।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट दबाव में रहे। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान कमजोरी दर्ज की गई थी।
गौरतलब है कि एक दिन पहले भारतीय बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स करीब 893 अंक टूटकर बंद हुआ था और निफ्टी भी 278 अंकों से ज्यादा फिसल गया था। ऐसे में आज की मजबूत रिकवरी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है और बाजार के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने में मदद की है।