अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान लंबे समय तक और उच्चतम स्तर के परमाणु निरीक्षण (न्यूक्लियर इंस्पेक्शन) की व्यवस्था पर सहमत हो गया है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से इस दावे से इनकार किया है और कहा है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई नया समझौता नहीं हुआ है।
ट्रंप का दावा- ‘ईरान फेक न्यूज फैला रहा है’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि ईरान अमेरिकी सफलता को कमतर दिखाने के लिए विरोधाभासी बयान दे रहा है। उनके अनुसार, ईरान ने भविष्य में “हमेशा के लिए” व्यापक परमाणु निरीक्षण स्वीकार कर लिया है, जिससे “न्यूक्लियर ईमानदारी” सुनिश्चित होगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरान इस व्यवस्था के लिए सहमत नहीं होता तो आगे कोई बातचीत संभव नहीं होती।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर राहत का संकेत
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी नौसैनिक नाकेबंदी को लागू नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि अमेरिकी जहाज क्षेत्र में मौजूद रहेंगे ताकि आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने दावा किया कि बीते दिन इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से लगभग 19 मिलियन बैरल तेल का परिवहन हुआ, जो रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है।
ईरान को मिलेगी सीमित आर्थिक राहत
अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में ईरानी तेल बिक्री पर 60 दिनों की अस्थायी छूट जारी की है। ट्रंप के अनुसार, प्रतिबंधों में दी जाने वाली राहत से मिलने वाली राशि एस्क्रो खाते में रखी जाएगी और उसका उपयोग केवल खाद्यान्न, दवाइयों तथा मानवीय जरूरतों की वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा।
ओमान और ईरान का संयुक्त बयान
इस बीच, Oman और Iran ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन और वहां दी जाने वाली सेवाओं पर संभावित शुल्क व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। दोनों देशों ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी संप्रभुता पर भी जोर दिया है।
अब भी बना हुआ है विवाद
अमेरिका और ईरान के दावों में फिलहाल स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। जहां वॉशिंगटन इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बता रहा है, वहीं तेहरान का कहना है कि परमाणु निरीक्षण को लेकर कोई अंतिम नई प्रतिबद्धता नहीं दी गई है। इसलिए आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।