निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला की संपत्ति को लेकर विवाद लगातार जारी है। एसआईटी की जांच में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, धमकी और गहरी आपराधिक सांठगांठ के जरिए लगभग 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के 100 करोड़ रुपये के संपत्ति विवाद में फंसे निलंबित डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद शिकायतकर्ता मनोहर शुक्ला ने पुलिस अधिकारी के दावों को चुनौती देते हुए कई फोटो, दस्तावेज और कॉल रिकॉर्ड सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने तस्वीरें जारी करते हुए कहा है कि अपराधी था तो परिवार के कार्यक्रमों में क्यों बुलाते थे।
क्या है पूरा मामला?
ये मामला उस समय सुर्खियों में आया जब मनोहर शुक्ला ने आरोप लगाया कि डीएसपी ने एनकाउंटर की धमकी देकर उनकी करोड़ों की जमीन कब्जा ली। इस शिकायत पर सरकार ने ऋषिकांत शुक्ला को सस्पेंड कर विजिलेंस जांच का आदेश दिया। जिसके बाद अपने बचाव में डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला ने मनोहर को “क्रिमिनल बैकग्राउंड वाला” बताते हुए उसे कुख्यात गैंगस्टर श्री प्रकाश शुक्ला का रिश्तेदार करार दिया था। साथ ही डीएसपी ने कहा था कि मनोहर शुक्ला से उसका कभी कोई वास्ता नहीं है।
शिकायतकर्ता ने वीडियो और स्क्रीनशॉट जारी किया
वीडियो के जारी होने के बाद ही अब मनोहर शुक्ला ने डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला के इस आरोप को सिरे से नकारते हुए कुछ वीडियो और स्क्रीनशॉट को कथित तौर पर सबूत बताकर पेश किया हैं। इस बार मनोहर के द्वारा जारी की गई तस्वीरों में वह डीएसपी और उनके परिवार के साथ विभिन्न पारिवारिक समारोहों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह ऋषिकांत शुक्ला के घर के हर आयोजन में शिरकत करते थे, जिसमें उनके बच्चे की बर्थडे पार्टी भी शामिल है। मनोहर ने कहा, “रॉयल क्लिप होटल में हुई उस पार्टी का करीब 1.5 लाख रुपये का बिल मैंने चुकाया था। अगर मैं अपराधी था, तो मुझे परिवार के कार्यक्रमों में क्यों आमंत्रित किया जाता था? उनकी फैमिली की हर जरूरत में मैं क्यों शामिल रहता था?”
शिकायतकर्ता ने पूछा ये सवाल
इसके अलावा, मनोहर ने निलंबित डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला की पत्नी से हुई फोन कॉल्स के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिनमें संपत्ति से संबंधित बातचीत का जिक्र है। उन्होंने जमीन के रेंट एग्रीमेंट के दस्तावेज भी दिखाए और पूछा, “अगर मैं क्रिमिनल था, तो मेरे साथ एग्रीमेंट क्यों किया गया?”
पड़ताल करेगी विजिलेंस टीम
ऐसे में कथित तौर पर मनोहर के द्वारा ये नए सबूत सोशल मीडिया पर सामने आने से निलंबित डीएसपी की विश्वसनीयता पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम इन सभी दावों और दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल करेगी, और इन्हें सबूतों के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे मामले में नया मोड़ आने की उम्मीद है। फिलहाल ऋषिकांत शुक्ला के खिलाफ विजिलेंस की जांच चल रही है, जांच में अब तक कुल 12 संपत्तियों का जिक्र किया गया है, जिनकी कीमत लगभग 92 करोड़ रुपये आंकी गई है।