दिन में सोना क्यों वर्जित बताया गया है शाश्त्रों में

92 0

हमारे धर्म शास्त्रों कई ऐसी सामान्य बातें बताई गई है जिसका यदि हम ध्यान रखें तो तन मन धन से सुखी रह सकते है इसी में एक है हमारा  दिन में सोना क्योँ वर्जित माना गया है। शास्त्रों में लिखा है- दिवास्वापं च वर्जयेत्।अर्थात दिन में सोना उचित नहीं है।देखने में आता है कि अधिकांश घरेलू महिलाएं तथा दो पारियों में काम करने वाले पुरूष दिन में सोते हैं।

दिन में सोना सिर्फ शास्त्रों में ही वर्जित नहीं माना गया अपितु आयुर्वेद भी इस बात की पुष्टि करता है कि दिन में सोने से कई प्रकार के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार दिन में सोने से प्रतिश्याय जुकाम हो जाता है। यह जुकाम जब स्थायी हो जाता है तो कास रोग हो जाता है। कास रोग ही आगे जाकर श्वास रोग में बदल जाता है। श्वास रोगी के फेफड़े धीरे- धीरे खराब हो जाते हैं और यह स्थिति क्षय अर्थात तपेदिक जैसे असाध्य रोग में बदल जाती है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रात में पूरी नींद लेकर दिन में कार्य करना ही उत्तम माना गया है। रात की नींद से शरीर को पर्याप्त आराम मिलता है। जिससे सुबह उठकर शरीर में नवीन ऊर्जा का संचार होता है जो दिनभर के कार्यों के लिए पर्याप्त होती है। दिन में सोकर हम अनावश्यक रूप से शरीर को आलस्य का घर बनाते हैं। अत: रात में भरपूर गहरी नींद लेकर दिन में कार्य करना ही उचित माना गया है।

Related Post

दूसरों से नहीं मिल रही मदद, रिलेशनशिप भी बिगड़ रहा है? वैकुंठ चतुर्दशी पर करें ये 11 उपाय, विष्णु-महादेव की कृपा से हर जगह मिलेगी सफलता

Posted by - November 4, 2025 0
Vaikuntha Chaturdashi Remedies: वैकुंठ चतुर्दशी का दिन भगवान विष्णु और शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने का अद्भुत संयोग लेकर…

क्या भगवान आपसे खुश हैं? प्रेमानंद महाराज ने बताया मन के भावों से पहचानने का सही तरीका

Posted by - October 29, 2025 0
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि भगवान की प्रसन्नता किसी पूजा या दान से नहीं, बल्कि अच्छे कर्म, सच्चे मन…

हनुमान चालीसा का पाठ करने से बनी रहती है मारुति नंदन की परम कृपा, मिलता है अनजाने डर से छुटकारा

Posted by - October 31, 2025 0
Hanuman Chalisa Path: हनुमान जी का आशीर्वाद पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना श्रेष्ठ माना गया है। हिंदू…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *