समय से पहले बाल सफेद होने में जेनेटिक्स की भूमिका है, लेकिन कुछ विटामिन और मिनरल्स की कमी से ये प्रक्रिया तेज हो सकती है। इसलिए बैलेंस्ड डाइट से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के मुताबिक, दुनिया में हर साल लाखों लोगों को समय से पहले सफेद बालों की समस्या होती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनिया के 25% से ज्यादा लोगों के बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं।
बालों के काला बने रहने के लिए मेलानिन नाम का पिगमेंट जरूरी है। अगर शरीर में विटामिन B12, D, B7, B5, कॉपर, जिंक और आयरन की कमी हो जाए, तो मेलानोसाइट्स (मेलानिन बनाने वाली सेल्स) कमजोर हो जाती हैं और बाल सफेद होने लगते हैं।
आज ‘जरूरत की खबर’ में प्रीमेच्योर ग्रेइंग की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- समय से पहले बाल सफेद क्यों होते हैं?
- किस कमी से यह समस्या बढ़ती है?
- हेल्दी डाइट से कैसे बचाव होगा?
एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल: समय से पहले बाल सफेद होने का क्या मतलब है?
जवाब: अगर 20 या 30 की उम्र में ही बालों का असली रंग यानी काला रंग खोने लगता है तो इसे प्रीमेच्योर ग्रेइंग कहते हैं।
बालों का काला रंग मेलानिन नाम के पिगमेंट के कारण होता है, जो हेयर फॉलिकल्स में बनता है। उम्र बढ़ने के साथ मेलानिन बनना कम हो जाता है और बाल सफेद होने लगते हैं। अगर कम उम्र में ही ऐसा हो रहा है, तो शरीर में किसी गड़बड़ी या कमी का संकेत हो सकता है।
सवाल: बाल किन कारणों से सफेद होते हैं?
जवाब: बाल सफेद होने की मुख्य वजह जेनेटिक्स है। इसका मतलब है कि अगर किसी के पेरेंट्स के बाल जल्दी सफेद बाल हुए हैं, तो उस शख्स को प्रीमेच्योर ग्रेइंग का रिस्क ज्यादा है। इसके अलावा स्ट्रेस, स्मोकिंग और पॉल्यूशन भी वजह हो सकते हैं।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी है। विटामिन B12, D, B9, B7, B5, आयरन, कॉपर, जिंक और कैल्शियम की कमी से मेलानोसाइट्स कमजोर हो सकते हैं।
आजकल बच्चों और युवाओं की डाइट में फास्ट फूड ज्यादा होने से ये कमियां कॉमन हो गई हैं। कुल-मिलाकर, यह एक मल्टी-फैक्टर प्रॉब्लम है, लेकिन बैलेंस्ड डाइट से काफी हद तक फर्क पड़ता है।