ब्लैकस्टोन रियल एस्टेट फंड्स के स्वामित्व और संचालन वाली भारत की अग्रणी लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म, होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने उर्विश रंभिया को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति कंपनी के लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक रियल एस्टेट क्षेत्र में विस्तार और परिचालन उत्कृष्टता को और मज़बूत करने के उद्देश्य से की गई है।
कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, उर्विश रंभिया प्लेटफॉर्म की वृद्धि रणनीति, संचालन और साझेदारियों पर ध्यान देंगे, साथ ही ब्लैकस्टोन के साथ समन्वय कर भारत के वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कंपनी की उपस्थिति को और तेज़ी से विस्तार देंगे।
ब्लैकस्टोन ने कही यह बात
ब्लैकस्टोन के भारत रियल एस्टेट प्रमुख, आशीष मोहता ने कहा कि होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स में उर्विश का जुड़ना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा,
“उर्विश के नेतृत्व से कंपनी ग्राहकों और साझेदारों को और बेहतर समाधान दे पाएगी। भारत में लॉजिस्टिक्स हमारे मुख्य भरोसेमंद क्षेत्रों में से एक है, जिसमें हम पैमाना, अनुभव और सिद्ध सफलता लेकर आते हैं।”
गौरतलब है कि उर्विश रंभिया पहले भी ब्लैकस्टोन के साथ जुड़े रहे हैं, जहां वे भारत की रियल एस्टेट टीम के प्रमुख थे। उन्होंने डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेशों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सीईओ उर्विश रंभिया ने क्या कहा
नए सीईओ उर्विश रंभिया ने कहा:
“मुझे प्लेटफॉर्म की शुरुआत से इसका हिस्सा रहने का अवसर मिला और मैंने इसे भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क्स में से एक बनते देखा। ब्लैकस्टोन के सहयोग से हम आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करेंगे।”
कंपनी का वर्तमान पोर्टफोलियो
2022 में स्थापित होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने 10 प्रमुख भारतीय बाज़ारों में 42 पार्कों के माध्यम से 54 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग स्पेस का पोर्टफोलियो तैयार किया है।
यह पोर्टफोलियो 2,100 एकड़ में फैला है, जो इसे भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स डेवलपर्स और एसेट मैनेजर्स में से एक बनाता है।
कंपनी की संपत्तियाँ मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई सहित कई प्रमुख मेट्रो और टियर-2 शहरों में फैली हैं।
भारतीय वेयरहाउसिंग सेक्टर में तेज़ी
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों में भारत के औद्योगिक और वेयरहाउसिंग सेक्टर में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई। इसमें मुख्य योगदान 3PL कंपनियों, ई-कॉमर्स फुलफिलमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार का माना जा रहा है।
यह रुझान भारत को एशिया में एक रणनीतिक सप्लाई चेन हब के रूप में उभरने का संकेत देता है।