यह खबर ज़ोमैटो के बी2बी प्लेटफ़ॉर्म हाइपरप्योर के विस्तार और भारत में तेजी से बढ़ते वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बदलती गतिशीलता को दर्शाती है। हाइपरप्योर ने मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के प्रमुख लॉजिस्टिक हब भिवंडी में 5.5 लाख वर्ग फुट का विशाल वेयरहाउस स्पेस 1.7 करोड़ रुपये मासिक किराए पर लीज़ पर लिया है। यह हाइपरप्योर का एमएमआर में वर्ष 2025 के भीतर तीसरा बड़ा वेयरहाउस सौदा है, जो इसकी सप्लाई चेन क्षमता को और मजबूत करेगा।
प्राप्त पंजीकरण दस्तावेजों के अनुसार, यह वेयरहाउस जुइजिन डेवलपर्स से चार वर्ष सात महीने की अवधि के लिए लिया गया है। इसका हैंडओवर 1 सितंबर 2025 को हुआ और इस पर 48 महीने की लॉक-इन अवधि लागू है। किराया 31 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह से शुरू होगा, जो हर साल 5% की दर से बढ़ेगा। ज़ोमैटो हाइपरप्योर ने इस सुविधा के लिए 8.57 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि जमा कराई है। इस सौदे को नवंबर 2025 में पंजीकृत किया गया, जिस पर 26.98 लाख रुपये स्टांप शुल्क और 1,000 रुपये पंजीकरण शुल्क लगा।
हाइपरप्योर इस वेयरहाउस का उपयोग कैसे करेगा?
हाइपरप्योर एक बिजनेस-टू-बिजनेस प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उद्देश्य होटलों, रेस्टोरेंट्स, केटरर्स और अन्य फूड सर्विस प्रदाताओं को गुणवत्ता-युक्त रसोई सामग्री उपलब्ध कराना है। नया भिवंडी वेयरहाउस:
इन्वेंट्री प्रबंधन
सोर्सिंग और गुणवत्ता नियंत्रण
फलों, सब्ज़ियों, मांस, समुद्री भोजन, किराना एवं अन्य खाद्य उत्पादों की डिलीवरी
जैसे कार्यों का संचालन करेगा। इसके जरिए हाइपरप्योर अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Hyperpure App के माध्यम से सीधे या सहयोगी कंपनियों के जरिए सप्लाई चेन को सुदृढ़ करेगा।
2025 में हाइपरप्योर का अन्य विस्तार
यह कंपनी वर्ष 2025 में पहले भी दो बड़े वेयरहाउसिंग स्पेस लीज़ पर ले चुकी है:
सितंबर 2025:
भिवंडी में 2.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र लीज़ पर, 66.21 लाख रुपये मासिक किराया।
जनवरी 2025:
पलावा स्थित लोढ़ा इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक्स पार्क में 2.53 लाख वर्ग फुट का वेयरहाउस, 85.3 लाख रुपये मासिक किराया, 5% वार्षिक वृद्धि के साथ।
इससे स्पष्ट है कि ज़ोमैटो हाइपरप्योर मुंबई एवं आसपास के क्षेत्रों में तेज़ी से अपनी सप्लाई चेन नेटवर्क को विस्तार दे रहा है।
वेयरहाउसिंग बाज़ार की स्थिति (2025)
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक:
भारत के शीर्ष 8 शहरों में 2025 तक कुल वेयरहाउसिंग लेनदेन 49.2 मिलियन वर्ग फुट दर्ज किया गया।
मुंबई का हिस्सा इस बाजार में 20% रहा, जो इसे देश का सबसे सक्रिय वेयरहाउसिंग हब बनाता है।
तीसरी तिमाही में मुंबई ने वार्षिक आधार पर 123% की वृद्धि दर्ज की।
निष्कर्ष
ज़ोमैटो हाइपरप्योर का यह नया वेयरहाउस न केवल उसकी सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, बल्कि होटल-रेस्टोरेंट उद्योग के लिए गुणवत्ता आधारित और समय पर सामग्री उपलब्ध कराने में बड़ा योगदान देगा। यह विस्तार भारत के वेयरहाउसिंग उद्योग के तेज़ी से बढ़ते स्वरूप और ई-कॉमर्स समर्थित लॉजिस्टिक ढांचे की मजबूती का भी संकेत है।