निया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है और अब इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की नौकरी पर दिखने लगा है। कंप्यूटर बनाने वाली एक दिग्गज कंपनी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह आने वाले वर्षों में 6000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी।
कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में AI की मदद से नए प्रोडक्ट जल्दी बनेंगे, कस्टमर सपोर्ट बेहतर होगा और काम करने की गति भी बढ़ेगी। HP के CEO एनरिक लोरस के मुताबिक, इस बदलाव से कंपनी अगले तीन साल में करीब 1 अरब डॉलर बचा लेगी। लेकिन इसका नुकसान उन हजारों कर्मचारियों को होगा, जिनकी नौकरियां अब AI की वजह से खत्म हो जाएंगी।
कंपनी में दूसरी बार बड़े लेवल पर छंटनी
इस साल फरवरी में भी HP ने 1000 से 2000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। अब कंपनी ने फिर से अपने री-स्ट्रक्चरिंग प्लान को आगे बढ़ाते हुए 6000 तक की छंटनी की तैयारी कर ली है। इस बार सबसे ज्यादा असर प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंटरनल ऑपरेशन और कस्टमर सपोर्ट टीमों पर पड़ेगा।
AI PC की बढ़ती मांग और चिप प्राइस का दबाव
HP ने बताया कि AI-इनेबल्ड पर्सनल कंप्यूटर की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है और कंपनी की चौथी तिमाही में भेजे गए कुल PC में से 30% AI PC थे। हालांकि, बढ़ती मांग का एक बड़ा दुष्परिणाम मेमोरी चिप्स की कीमतों में उछाल भी सामने आ रहा है। डेटा सेंटरों में AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की भारी मांग के चलते DRAM और NAND चिप्स के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे HP, Dell और Acer जैसी कंपनियों के मुनाफे पर भारी दबाव पड़ सकता है। HP का कहना है कि चिप प्राइस में बढ़ोतरी का बड़ा असर 2026 की दूसरी छमाही में महसूस होगा। कंपनी ने फिलहाल पहले छह महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक जमा कर रखा है, लेकिन बाद में लागत बढ़ने की आशंका गंभीर है।
कमजोर प्रॉफिट गाइडेंस से चिंता बढ़ी
कंपनी ने 2026 के लिए अपने प्रॉफिट का अनुमान भी कम कर दिया है। HP को उम्मीद है कि प्रति शेयर कमाई 2.90 से 3.20 डॉलर के बीच रहेगी, जो मार्केट अनुमान से कम है। इसी वजह से कंपनी के शेयरों में भी 5.5% की गिरावट दर्ज की गई।