बिटकॉइन ने तोड़ा 7 साल का रिकॉर्ड — अक्टूबर में 5% की गिरावट; वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता बनी बड़ी वजह।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में निवेश करने वालों के लिए अक्टूबर 2025 का महीना निराशाजनक साबित हुआ। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin ने 2018 के बाद पहली बार अक्टूबर महीने में मंथली लॉस दर्ज किया है। लगातार सात साल तक मुनाफा देने वाला यह महीना इस बार निवेशकों के लिए नुकसानदेह रहा, जिससे बाजार का भरोसा हिल गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिटकॉइन इस महीने करीब 5% गिरा है। हाल के हफ्तों में वैश्विक मार्केट में अस्थिरता और निवेशकों की कम होती रिस्क-अपेटाइट ने इस डिजिटल एसेट की कीमतों पर दबाव डाला है।
काइको (Kaiko) के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट एडम मैकार्थी ने कहा —
“क्रिप्टोकरेंसी अक्टूबर में सोने और स्टॉक मार्केट के साथ ऑल-टाइम हाई के करीब थीं। लेकिन जैसे ही आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी, निवेशकों ने बिटकॉइन में वापसी नहीं की।”
अक्टूबर में ऐतिहासिक गिरावट
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 100% टैरिफ लगाने और जरूरी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट पर कंट्रोल की चेतावनी बताई जा रही है। इसके बाद बाजार में भारी क्रिप्टो लिक्विडेशन देखने को मिला।
10–11 अक्टूबर के दौरान बिटकॉइन की कीमत $126,000 से गिरकर $104,782.88 तक पहुंच गई — जो एक ही सप्ताह में लगभग 17% की गिरावट है।
मैकार्थी के अनुसार, “10 तारीख को जो गिरावट आई, उसने लोगों को याद दिलाया कि यह अभी भी एक अत्यधिक अस्थिर एसेट क्लास है। बिटकॉइन या ईथर में कुछ ही मिनटों में 10% की मूवमेंट हो सकती है।”
फेड की नीति और वैश्विक तनाव का असर
अक्टूबर का महीना वैश्विक स्तर पर भी अनिश्चितता से भरा रहा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने उम्मीदों के विपरीत रेट कट पर रोक लगा दी, जबकि सरकारी शटडाउन के कारण कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी नहीं हो सके। इससे निवेशकों में घबराहट बढ़ी और क्रिप्टो बाजार पर भी असर पड़ा।
इसी बीच, जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने चेतावनी दी कि अगले 6 महीने से 2 साल के भीतर अमेरिकी स्टॉक मार्केट में “बड़ा करेक्शन” आ सकता है, जिसने क्रिप्टो निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
गिरावट के बावजूद सालभर में 16% मुनाफा
हालांकि अक्टूबर की गिरावट के बावजूद बिटकॉइन अभी भी साल की शुरुआत से अब तक 16% ऊपर है। इसका श्रेय ट्रंप प्रशासन के उन कदमों को दिया जा रहा है जिनसे डिजिटल एसेट्स को मुख्यधारा में शामिल करने का रास्ता साफ हुआ।
कई मुकदमों को खारिज किए जाने और क्रिप्टो रेगुलेशन पर सरकार की सकारात्मक भूमिका ने निवेशकों में भरोसा बनाए रखा है।
फिलहाल बाजार के जानकारों का मानना है कि बिटकॉइन के लिए आने वाले कुछ महीने निर्णायक साबित हो सकते हैं — यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह डिजिटल करेंसी एक बार फिर अपने “लकी अक्टूबर” के ट्रैक पर लौट पाती है या नहीं।