मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र का आज पहला दिन है, इससे पहले कांग्रेस पार्टी का जोरदान प्रदर्शन देखने को मिला. विरोध स्वरूप एक महिला विधायक पूतना का भेष धरकर पहुंची और उसके गले में कप सिरप की माला थी.
भोपाल:
एक विधायक ‘कफ सिरप’ की बोतल लेकर आए, तो एक महिला विधायक राक्षसी पूतना का भेष धरकर मध्य प्रदेश विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे. इस दौरान कई विधायकों के हाथों में गुड़िया भी नजर आईं. मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र का आज पहला दिन है, इससे पहले कांग्रेस पार्टी का जोरदान प्रदर्शन देखने को मिला. मध्य प्रदेश में ‘जहरीले’ कप सिरप से सबसे ज्यादा बच्चों की मौतें हुई हैं. ऐसे में कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा में जोर-शोर से उठाने का निर्णय लिया है.
गले में डाल दी कफ सिरप की माला
पूतना बनकर आई महिला कांग्रेस विधायक ने अपने गले में कफ सिरप की माला पहनी हुई थी. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, ‘ये सरकार कृष्ण भक्ति की बात करती है और प्रदेश के मासूम बच्चों की जान से खेला जा रहा है. कई बच्चे जहरीले कफ सिपर का शिकार हो गए. अस्पतालों में ऐसी बद इंतज़ामी है कि बच्चों को चूहे तक कुतर दे रहे हैं. सरकार इस पर चर्चा करने, जवाब देने और ज़िम्मेदारी तय करने से लगातार बच रही है. कांग्रेस विधायकों ने साफ कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही अब असहनीय हो चुकी है. जब सवाल मासूमों के जीवन का हो, तो विपक्ष चुप नहीं बैठेगा.
कांग्रेस को बीजेपी का करारा जवाब
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर बीजेपी ने कहा कि खराब कप सिरप बनाने वालों को जेल भेज दिया गया है. खातेगांव से भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि कफ सिरप का मामला बहुत संवेदनशील है. इसलिए मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ा कदम उठाया है. कफ सिरप बनाने वाले जेल में हैं. उन्हें सजा भी होगी. इस तरह की घटनाओं से सरकार ने सबक भी लिया है और ऐसे इंतजाम किए गए हैं. लेकिन कांग्रेस को सिर्फ मुद्दा उठाने से मतलब है.