केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनने की इच्छा नहीं है, क्योंकि जनता का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा पद और सबसे बड़ी पूंजी है।
नागपुर में राष्ट्रभाषा परिवार की ओर से आयोजित “मित्रों के बीच” कार्यक्रम में संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, “राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का पद किसलिए चाहिए? जनता का प्यार ही सबसे बड़ा पद होता है। लोगों का आशीर्वाद और स्नेह ही जीवन की असली पूंजी है।”
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति अपने हिसाब से चलती रहती है और उन्हें इसकी चिंता नहीं होती। उनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ लोगों की सेवा करना है। गडकरी ने कहा कि जनता का प्यार और विश्वास ही उन्हें लगातार काम करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। गडकरी ने बताया कि कई लोग उनसे कहते हैं कि जब वे कानपुर गए और ढाबे वाले को बताया कि वे नागपुर से हैं, तो ढाबा मालिक ने उनसे खाने का बिल तक नहीं लिया।
नितिन गडकरी का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।