नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के दिल्ली प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारत में हर नागरिक को राजनीतिक दल बनाने और अपने मुद्दे उठाने का अधिकार है, लेकिन यदि किसी गतिविधि से कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है तो पुलिस अपना काम करेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी ने CBSE में कथित धांधली और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इसी मांग को लेकर पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में चौकसी बढ़ा दी है।
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में किरेन रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी के बढ़ते प्रभाव और उसके आंदोलन को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को राजनीति में आने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। यदि कोई नया राजनीतिक संगठन बनता है और जनता के मुद्दे उठाता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।
हालांकि, कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी प्रदर्शन या गतिविधि से शांति व्यवस्था प्रभावित होती है तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने दोहराया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कानून का पालन भी उतना ही जरूरी है।
शिक्षा सुधार और छात्रों के मुद्दों पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा उठाए जा रहे सवालों के संबंध में रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि NEET, CBSE और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और शिकायतों के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रिजिजू ने यह भी कहा कि CBSE की रिवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान कई बार वेबसाइट पर साइबर हमले हुए, जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन कितना प्रभाव छोड़ पाता है और सरकार की ओर से इस पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।