भारतीय एथलेटिक्स के स्टार जैवलिन थ्रोअर Neeraj Chopra के फैंस को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। 19 जून को होने वाली दोहा डायमंड लीग 2026 में नीरज चोपड़ा हिस्सा नहीं लेंगे। लंबे समय से उनके मैदान पर वापसी का इंतजार कर रहे प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एक्शन में नजर आएंगे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि नीरज अपनी फिटनेस और बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
बैक इंजरी से उबरने के बाद नीरज फिलहाल स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में विशेष ट्रेनिंग कैंप में अभ्यास कर रहे हैं। वह अपने फिजियो ईशान मारवाह और कोच जय चौधरी की निगरानी में फिटनेस और तकनीक दोनों पर गहन काम कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में चोटों की वजह से नीरज को कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
नीरज का लक्ष्य अब आगामी Commonwealth Games 2026 और Asian Games 2026 में शानदार प्रदर्शन करना है। इसी वजह से उनकी पूरी टीम फिलहाल जोखिम लेने के बजाय लंबी अवधि की तैयारी पर ध्यान दे रही है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 90.23 मीटर का थ्रो फेंका था। यह उनके करियर का पहला 90 मीटर से अधिक का प्रयास था और इसी के साथ उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था। हालांकि प्रतियोगिता में जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर का थ्रो कर खिताब अपने नाम किया था।
इस बार नीरज की गैरमौजूदगी में दोहा डायमंड लीग का जैवलिन मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। खासतौर पर श्रीलंका के उभरते स्टार रुमेश पथिरागे पर सभी की नजरें रहेंगी, जिन्होंने हाल ही में रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का शानदार थ्रो कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसके अलावा पूर्व विश्व चैंपियन Anderson Peters, Keshorn Walcott और Julius Yego भी खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें अब नीरज चोपड़ा की वापसी पर टिकी हैं। यदि उनकी फिटनेस पूरी तरह से ठीक रहती है, तो आने वाले महीनों में वह कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उतर सकते