हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में शुमार Karz को रिलीज हुए 46 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके गाने और खासकर ‘एक हसीना थी’ का गिटार पीस आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करता है। पार्टी, कार म्यूजिक और मोबाइल रिंगटोन तक में इस धुन की लोकप्रियता बरकरार है।
हालांकि फिल्म रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन ही कर पाई थी, लेकिन इसका संगीत सुपरहिट साबित हुआ। फिल्म में Rishi Kapoor, Tina Munim और Simi Garewal मुख्य भूमिकाओं में थे। समय के साथ यह फिल्म कल्ट क्लासिक बन गई।
फिल्म के संगीत का श्रेय जहां संगीतकार जोड़ी Laxmikant–Pyarelal को जाता है, वहीं ‘एक हसीना थी’ और फिल्म के थीम म्यूजिक में सुनाई देने वाले यादगार गिटार रिफ के पीछे गिटारिस्ट गोरख शर्मा का बड़ा योगदान था।
28 दिसंबर 1946 को मुंबई में जन्मे गोरख शर्मा प्रसिद्ध संगीतज्ञ पंडित रामप्रसाद शर्मा के पुत्र और प्यारेलाल के छोटे भाई थे। बचपन से संगीत के माहौल में पले-बढ़े गोरख ने मैंडोलिन, मैंडोला, रुबाब और गिटार जैसे कई वाद्य यंत्रों में महारत हासिल की थी।
महज 14 साल की उम्र में उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा और बाद में रवि, शंकर-जयकिशन, कल्याणजी-आनंदजी तथा लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया। करीब 50 साल के करियर में उन्होंने 500 से अधिक फिल्मों और 1000 से ज्यादा गीतों में अपना योगदान दिया।
Aashiqui, Darr और Ek Duuje Ke Liye जैसी फिल्मों के संगीत में भी उनकी कला की झलक सुनाई देती है। ‘जादू तेरी नजर’, ‘सांसों की जरूरत है जैसे’ और ‘मैं शायर तो नहीं’ जैसे कई लोकप्रिय गीतों में भी उनका योगदान रहा।
सुभाष घई के निर्देशन में बनी ‘कर्ज’ की कहानी पुनर्जन्म और बदले पर आधारित थी। रिलीज के वक्त फिल्म को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, लेकिन इसके गानों ने इसे अमर बना दिया। आज भी ‘एक हसीना थी’ का गिटार इंट्रो हिंदी फिल्म संगीत के सबसे यादगार इंस्ट्रुमेंटल पीसेज़ में गिना जाता है।