पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसक झड़प और फायरिंग मामले में चर्चित शिक्षक Khan Sir को अदालत से बड़ी राहत मिली है। पटना की जिला अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखते हुए अगली सुनवाई तक पुलिस को कोई कठोर कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।
इस मामले में खान सर के साथ उनके तीन सहयोगियों को भी राहत मिली है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक जारी रखी है। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी अदालत में पेश की, जिसके आधार पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
यह मामला खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर हुई कथित मारपीट, तोड़फोड़ और बाद में हुई फायरिंग से जुड़ा है। पटना पुलिस ने इसी मामले में खान सर और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। पुलिस का आरोप है कि फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं, बल्कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।
पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत केस डायरी के अनुसार, कोचिंग संस्थान के बाहर हुई मारपीट और फायरिंग की घटनाओं के बीच लगभग 20 मिनट का अंतर था। पुलिस का दावा है कि जब फायरिंग हुई, तब तक तोड़फोड़ और हमला करने वाले लोग वहां से जा चुके थे। इसलिए आत्मरक्षा का तर्क तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना जा सकता।
9 जून को हुई पिछली सुनवाई में भी अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। उस दौरान लोक अभियोजक ने अदालत को बताया था कि खान सर के सुरक्षा गार्ड द्वारा की गई फायरिंग जानबूझकर की गई थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि गार्ड को हथियार व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए मिला था, लेकिन उसका इस्तेमाल अनुचित तरीके से किया गया।
वहीं खान सर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने अदालत में दलील दी थी कि सुरक्षा गार्ड निजी तौर पर नहीं रखे गए थे, बल्कि सुरक्षा एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। इसलिए उनके आपराधिक रिकॉर्ड या पृष्ठभूमि की जानकारी खान सर को नहीं थी।
अभियोजन पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि खान सर के खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज हो चुका है। इसके जवाब में बचाव पक्ष ने कहा कि वह मामला एक आंदोलन से जुड़ा था और किसी गंभीर आपराधिक गतिविधि से संबंधित नहीं था। साथ ही उस प्रकरण का निपटारा भी हो चुका है।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद खान सर को राहत मिली हुई है, लेकिन मामले की जांच जारी है। 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत पुलिस की रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे का फैसला करेगी। इस मामले पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजरें टिकी हुई हैं।