फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान अमेरिका ने इतिहास रच दिया है। अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम ने 96 साल बाद वह उपलब्धि हासिल की है, जिसका इंतजार उसके प्रशंसक दशकों से कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराने के साथ ही अमेरिका ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की और राउंड ऑफ 32 (नॉकआउट चरण) के लिए क्वालीफाई कर लिया।
ग्रुप-डी में खेले गए मुकाबले में अमेरिका ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के 11वें मिनट में अमेरिका को पहली सफलता मिली, जब ऑस्ट्रेलिया के डिफेंडर कैमरन बर्गेस ने फोलारिन बालोगुन के शॉट को रोकने की कोशिश में गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी। इस आत्मघाती गोल ने अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पहले हाफ के अंत से ठीक पहले अमेरिका ने अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। 43वें मिनट में सर्जिनो डेस्ट के प्रयास के बाद बने मौके को अमेरिकी खिलाड़ियों ने शानदार तरीके से भुनाया और स्कोर 2-0 कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने गोल को लेकर रिव्यू की मांग की, लेकिन रेफरी ने फैसला बरकरार रखा।
दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया। गोलकीपर और रक्षापंक्ति ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए क्लीन शीट बरकरार रखी। मैच खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया एक भी गोल नहीं कर सका।
इस जीत के साथ अमेरिका ने अपने पहले दो मैचों में छह अंक हासिल कर लिए हैं। इससे पहले अमेरिकी टीम ने अपने शुरुआती मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था। लगातार दो जीत के साथ अमेरिका नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है।
सबसे खास बात यह है कि अमेरिका ने यह उपलब्धि अपने स्टार खिलाड़ी Christian Pulisic की अनुपस्थिति में हासिल की। टीम ने सामूहिक प्रदर्शन के दम पर साबित किया कि वह इस बार खिताब की दावेदार टीमों में शामिल हो सकती है।
विश्व कप इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका है जब अमेरिका ने टूर्नामेंट की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की है। इससे पहले 1930 के पहले फीफा विश्व कप में अमेरिकी टीम ने शुरुआती दो मुकाबले जीते थे। अब 96 साल बाद इतिहास खुद को दोहराता नजर आ रहा है।
हालांकि ग्रुप में शीर्ष स्थान सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका को अपने अंतिम मुकाबले में तुर्किए के खिलाफ कम से कम ड्रॉ की जरूरत होगी। यदि तुर्किए अपने अगले मैच में पराग्वे से हार जाता है, तो अमेरिका बिना किसी अतिरिक्त दबाव के ग्रुप टॉपर के रूप में नॉकआउट चरण में प्रवेश कर सकता है।
अमेरिकी टीम का मौजूदा प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि घरेलू सरजमीं पर खेलते हुए वह इस विश्व कप में बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखती है।