अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा घोटाले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
खरगे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद अब चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर से जुड़े आर्थिक लेनदेन और दान राशि के उपयोग की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
SIT जांच पर उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को लेकर भी खरगे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहे हैं तो जांच में तेजी लानी चाहिए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा SIT को जांच के लिए समय दिए जाने पर टिप्पणी करते हुए खरगे ने कहा कि जनता जल्द से जल्द सच्चाई जानना चाहती है और मामले को लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और मंदिर प्रबंधन से जवाब मांग रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चढ़ावे में कथित हेराफेरी और धनराशि को लेकर लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। किसी भी वित्तीय अनियमितता या घोटाले की पुष्टि जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
सूत्रों के अनुसार, SIT कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा विवाद धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि सभी पक्ष जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।