देश के कई हिस्सों में मॉनसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में हुई झमाझम बारिश के बाद अब दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश लगभग थम गई है। बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून की इस सुस्ती के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, मॉनसून ट्रफ (कम दबाव की रेखा) अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके कारण मैदानी राज्यों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। दूसरा, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में फिलहाल कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र या चक्रवाती सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे मॉनसूनी हवाओं को पर्याप्त मजबूती नहीं मिल रही।
इसका सबसे अधिक असर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण तापमान और उमस दोनों बढ़ गए हैं। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में मॉनसून अब भी सक्रिय है और वहां लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।
बारिश में आई इस कमी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। कई कृषि क्षेत्रों में तेज धूप और नमी की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करने वाले हैं।
हालांकि मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताई है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों में मॉनसून ट्रफ फिर से दक्षिण की ओर सक्रिय हो सकता है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र बनने के संकेत मिल रहे हैं। यदि यह सिस्टम विकसित होता है तो उत्तर भारत के कई राज्यों में एक बार फिर तेज और व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है।