बिहार में बढ़ते राजनीतिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के विधि-व्यवस्था प्रभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 24 जुलाई से अगले आदेश तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इस फैसले का उद्देश्य पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी पुलिसकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है। केवल अत्यंत आपातकालीन या विशेष परिस्थितियों में ही छुट्टी देने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, जिन पुलिसकर्मियों को पहले से अवकाश मिला हुआ है, उन्हें भी तत्काल अपनी ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बिहार में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजधानी पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव और झड़प की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं।
संवेदनशील जिलों और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की अफवाह, हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को लगातार स्थिति की निगरानी करने और आवश्यक रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से फिलहाल पूरे पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।