नाम कटा, कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फिर जीत— केरल निकाय चुनाव में कांग्रेस की वैश्ना विजयी

68 0

वैश्ना ने उनका नाम मतदाता सूची से हटाने से संबंधित राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) का नोटिस मिलने के बाद केरल हाई कोर्ट का रुख किया था. इसके बाद अदालत ने एसईसी को उनके दावे की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया. इसके बाद उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ा.

तिरुवनंतपुरम:

मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए केरल हाई कोर्ट का रुख करने वालीं कांग्रेस उम्मीदवार वैश्ना एस एल ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मुत्तदा मंडल से स्थानीय निकाय चुनाव में शनिवार को 300 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की. जीत के बाद वैश्ना एस एल ने संवाददाताओं से कहा कि यह ‘लोकतंत्र की जीत’ है और कांग्रेस ने पहले ही कहा था कि सच की ही जीत होगी. उन्होंने कहा- यह हमारे लिए गर्व और खुशी का अवसर है. लोग जानते हैं कि हमने कितनी मेहनत की है.

कोर्ट के आदेश से वोटर लिस्ट में बहाल हुआ ना

वैश्ना ने उनका नाम मतदाता सूची से हटाने से संबंधित राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) का नोटिस मिलने के बाद केरल हाई कोर्ट का रुख किया था. इसके बाद अदालत ने एसईसी को उनके दावे की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया. इसके अनुरूप एसईसी ने सुनवाई की और उनका नाम मतदाता सूची में बहाल कर दिया. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि वैश्ना का नाम मतदाता सूची से हटाने के पीछे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की साजिश थी.

वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद वैष्णव सुरेश ने हाई कोर्ट से मांगी रा

वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने शनिवार को केरल लोकल चुनावों में अपनी जीत को ‘लोकतंत्र और सच्चाई की जीत’ बताया. कुछ दिन पहले अधिकारियों ने उनकी उम्मीदवारी को खारिज कर दिया था, लेकिन केरल हाई कोर्ट के दखल के बाद उनकी उम्मीदवारी बहाल कर दी गई थी. सुरेश ने मौजूदा तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पार्षद अंशु वामादेवन को हराया, जो अपनी मूल सीट छोड़कर मुट्टाडा सीट से चुनाव लड़ने आए थे, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार से हार गए. मुट्टाडा सीट, जब से बनी है, सीपीआई(एम) का गढ़ रही है.

वैष्‍णव सुरेश ने कहा, ‘यह लोकतंत्र की जीत है. सच्चाई की हमेशा जीत होती है, और यहां भी ऐसा ही हुआ है. लोगों को पता था कि क्या हो रहा है. अच्छी लड़ाई लड़ी.’ तकनीकी कारणों से नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज होने के बाद वैष्णव की उम्मीदवारी ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा था. इस फैसले से कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया और दावा किया कि यह खारिज करना राजनीतिक मकसद से किया गया था. इसके बाद वैष्णव ने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसने उनकी याचिका सुनने के बाद अधिकारियों को उनका नामांकन स्वीकार करने का आदेश दिया, जिससे उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई.

Related Post

सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 6 नक्सलियों की पहचान हुई, सेंट्रल एरिया कमेटी का प्रभारी भी ढेर

Posted by - November 14, 2025 0
एनकाउंटर में मारे गए छह नक्सलियों में तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं। इनके पास से एके-47 राइफल समेत भारी…

आज गर्मी का रेड अलर्ट! दिल्ली-एनसीआर में पारा 45 पार, यूपी-पंजाब-हरियाणा से बिहार तक भीषण लू

Posted by - May 23, 2026 0
देश का अधिकतर हिस्सा इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर और मध्य भारत में मई में…

23 सालों में बंगाल के 10 जिलों में दोगुनी हुई आबादी… बीजेपी ने टीएमसी को SIR पर EC के आंकड़ों से घेरा

Posted by - November 24, 2025 0
SIR पर टीएमसी के विरोध और बीजेपी के लगातार पलटवार से साफ है कि बंगाल चुनाव में मुख्य मुद्दा घुसपैठियों…

गुजरात के नवसारी में एनकाउंटर! पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 4 गुर्गों को किया अरेस्ट, एक के पैर में लगी गोली

Posted by - November 13, 2025 0
गिरफ्तार किए गए 4 आरोपियों में से दो राजस्थान के मूल निवासी है, जो अब बिलीमोरा में रहते हैं। जबकि…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *