छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मिली दो ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएम विष्णु देव साय ने कही ये बात

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छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के जिला अस्पताल पंडरी और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल पंडरी रायपुर और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इनमें पंडरी रायपुर की IPHL देश की प्रथम, जबकि बलौदाबाजार की IPHL देश एवं राज्य की द्वितीय प्रमाणित लैब बनी है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित लैब सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्रमाणित करती है।

दोनों अस्पतालों को मिली अच्छी रेटिंग

उल्लेखनीय है कि देश में पहली बार किसी राज्य में लैब्स की इतनी बड़ी और व्यवस्थित श्रृंखला का मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण हुआ है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट स्थान दिलाया है। दोनो लैब्स का मूल्यांकन भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा नामित विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं की टीमों ने किया। पंडरी रायपुर की IPHL का मूल्यांकन 10 सितंबर 2025, जबकि बलौदाबाजार की IPHL का मूल्यांकन 11 सितंबर 2025 को किया गया। दोनों टीमों ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएँ, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की। मूल्यांकन उपरांत, पंडरी रायपुर IPHL को 90% और बलौदाबाजार IPHL को 88% स्कोर के साथ प्रमाणन प्राप्त हुआ। यह स्कोर स्वास्थ्य गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों में उत्कृष्ट श्रेणी में आता है।

इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की अवधारणा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। इससे न केवल जांच की गति और विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि लोगों को महंगी निजी जांच लैब्स पर अनावश्यक निर्भरता से भी राहत मिलती है। एकीकृत मॉडल होने के कारण, मरीजों को एक ही स्थान पर किफायती और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो पाती है।

रोजाना होती है तीन हजार से अधिक जांच

पंडरी रायपुर की IPHL पूरे राज्य का मॉडल लैब बन चुकी है। यहां प्रतिदिन 3,000 से अधिक जांचें की जाती हैं और 120 से अधिक प्रकार की जांच सेवाएं उपलब्ध हैं। यह लैब ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर कार्य करते हुए रायपुर जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से प्राप्त सैंपल की भी जांच करती है। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में यह लैब मेडिकल कॉलेज और अन्य जिलों से आए नमूनों की जांच भी करती रही है, जिससे इसकी क्षमता और उपयोगिता दोनों प्रमाणित होती हैं।

बलौदाबाजार की IPHL भी सेवा गुणवत्ता के मामले में तेजी से उभरती हुई लैब है। यहां प्रतिदिन 1,000 से 1,200 जांचें की जाती हैं और 100 से अधिक प्रकार की लैब टेस्टिंग उपलब्ध है। लैब में अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित तकनीशियनों और समयबद्ध रिपोर्टिंग की वजह से जिले के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अब जांच के लिए शहर या निजी लैब्स में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार जिलों की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स को देश की प्रथम और द्वितीय क्वालिटी सर्टिफाइड IPHL बनने पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र में आ रहे व्यापक, वैज्ञानिक और संरचनात्मक सुधारों का प्रमाण है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, और राष्ट्रीय स्तर के इस प्रमाणन ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को नई विश्वसनीयता और मजबूती प्रदान की है। IPHL मॉडल ने ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक विश्वसनीय जांच सेवाएँ पहुँचाने का मार्ग मजबूत किया है, और आने वाले समय में राज्य के सभी जिला अस्पतालों को आधुनिक, दक्ष और मानकीकृत मॉडल पर अपग्रेड किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बातें

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार IPHL के देश की प्रथम और द्वितीय क्वालिटी सर्टिफाइड इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनने पर प्रदेशवासियों और पूरी स्वास्थ्य टीम को बधाई। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली में आए ऐतिहासिक बदलाव का परिणाम है। राज्य सरकार प्राथमिक से लेकर जिला स्तर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और सशक्त गुणवत्ता तंत्र से लैस कर रही है। IPHL मॉडल ने जांच सेवाओं को तेज, सटीक और किफायती बनाकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को मजबूत किया है। आने वाले समय में इसी उच्च गुणवत्ता मॉडल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता का अग्रणी राज्य बनेगा।

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