दिल्ली-NCR में AQI 400-500 के पार होने से लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं. इसी बीच भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चीन के अनुभव साझा करते हुए भारत को प्रदूषण से निपटने के टिप्स दिए हैं.
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. AQI 400-500 के पार होने से लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं. इसी बीच भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चीन के अनुभव साझा करते हुए भारत को प्रदूषण से निपटने के टिप्स दिए हैं.
यू जिंग ने पोस्ट में लिखा कि चीन और भारत दोनों तेज शहरीकरण के कारण वायु प्रदूषण की चुनौती से जूझ रहे हैं. पिछले एक दशक में चीन ने लगातार प्रयासों से इसमें उल्लेखनीय सुधार किया है.
चीनी प्रवक्ता की अहम सलाह
उन्होंने एक सीरीज शुरू करने की घोषणा की, जिसमें चरणबद्ध तरीके से बताया जाएगा कि चीन ने प्रदूषण पर कैसे काबू पाया. सीरीज के पहले भाग में यू जिंग ने बीजिंग के वाहन प्रदूषण नियंत्रण के उपाय बताए:
- अल्ट्रा-सख्त नियम अपनाएं: चीन 6 मानक (यूरो 6 के बराबर) जैसे कड़े उत्सर्जन नियम लागू करें.
- पुराने उच्च-उत्सर्जन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाएं.
- कारों की संख्या बढ़ने पर रोक: लाइसेंस प्लेट लॉटरी और ऑड-ईवन/वीकडे ड्राइविंग नियम लागू करें.
- दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो और बस नेटवर्क का निर्माण करें.
- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तेजी से बढ़ें.
- क्षेत्रीय समन्वय: बीजिंग-तियानजिन-हेबेई क्षेत्र की तरह पड़ोसी इलाकों के साथ मिलकर उत्सर्जन कम करें.
प्रदूषण पर चीन की बड़ी जीत
चीन का कहना है कि 2013 से बीजिंग में PM2.5 का स्तर 60% से ज्यादा कम हुआ है. वहीं दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण चरम पर रहता है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के मॉडल में सख्त प्रवर्तन और क्षेत्रीय सहयोग शामिल हैं, जिन्हें भारत अपना सकता है. हालांकि कुछ लोग इसे चीन की सेल्फ-प्रमोशन भी बता रहे हैं. बताते चलें कि दिल्ली में GRAP-4 लागू है, लेकिन प्रदूषण पर पूर्ण नियंत्रण नहीं है.