Delhi-Mumbai Expressway: भारत के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच 1,386 किलोमीटर की दूरी महज 12 घंटे में पूरी की जा सकेगी। फिलहाल इस सफर में करीब 24 घंटे लगते हैं, लेकिन नए हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे के चालू होने से यात्रा का समय आधा रह जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ दो महानगरों को नहीं जोड़ेगा, बल्कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित छह राज्यों के करीब 20 प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के आसपास इसके प्रमुख हिस्से का उद्घाटन कर सकते हैं।
भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1,386 किलोमीटर है, जो इसे देश का सबसे लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनाती है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से सुरक्षित सफर कर सकें।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल यात्रा का समय कम करना नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े आर्थिक कॉरिडोर को नई गति देना भी है।
किन राज्यों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे छह राज्यों को जोड़ेगा और कई बड़े शहरों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा।
दिल्ली
- लगभग 12 किलोमीटर का हिस्सा
- डीएनडी और राजधानी क्षेत्र से सीधी कनेक्टिविटी
हरियाणा
- सोहना
- नूंह
- कुल लगभग 129 किलोमीटर
राजस्थान
- दौसा
- सवाई माधोपुर
- कोटा
- कुल लगभग 373 किलोमीटर
मध्य प्रदेश
- रतलाम
- झाबुआ
- लगभग 244 किलोमीटर
गुजरात
- वडोदरा
- भरूच
- सूरत
- लगभग 426 किलोमीटर
महाराष्ट्र
- ठाणे
- मुंबई
- लगभग 171 किलोमीटर
24 घंटे का सफर अब सिर्फ 12 घंटे
अभी दिल्ली से मुंबई तक सड़क मार्ग से पहुंचने में लगभग 24 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने के बाद यही दूरी लगभग 12 घंटे में तय की जा सकेगी।
इससे—
- लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी।
- समय की बड़ी बचत होगी।
- ड्राइविंग अधिक आरामदायक बनेगी।
- ईंधन की खपत कम होगी।
- लॉजिस्टिक्स सेक्टर को फायदा मिलेगा।
120 KM/H की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड यात्रा के लिए तैयार किया गया है। इस पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
बेहतर सड़क डिजाइन, आधुनिक इंटरचेंज, सर्विस रोड और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
दिल्ली-मुंबई आर्थिक कॉरिडोर देश के सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद—
- माल ढुलाई तेज होगी।
- ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी।
- सप्लाई चेन मजबूत होगी।
- उद्योगों को समय पर डिलीवरी मिलेगी।
- निर्यात और आयात गतिविधियों को गति मिलेगी।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
ईंधन की होगी बड़ी बचत
कम दूरी, कम ट्रैफिक जाम और लगातार हाई-स्पीड ड्राइविंग की वजह से हर साल करोड़ों लीटर ईंधन की बचत हो सकती है।
इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ्तार
एक्सप्रेसवे के जरिए कई पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे रोड ट्रिप करने वाले यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और होटल, रेस्टोरेंट तथा स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
NHAI तेजी से कर रहा काम
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक्सप्रेसवे के शेष हिस्सों पर तेजी से काम कर रहा है। दिल्ली के डीएनडी से जुड़े हिस्से सहित कई महत्वपूर्ण सेक्शन लगभग तैयार हो चुके हैं। निर्माण कार्य पूरा होते ही चरणबद्ध तरीके से पूरे एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोला जाएगा।
देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्टर
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि भारत के आर्थिक विकास की नई रीढ़ माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। आने वाले वर्षों में यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोर के रूप में उभर सकता है।