बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी छोड़ने के एक सप्ताह बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
बीजेपी में शामिल होने के बाद मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक राजद के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राजद के पास न स्पष्ट नेतृत्व बचा है और न ही सही नीयत, इसलिए पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बिहार और देश के विकास में योगदान देना है और अब वे पूरी निष्ठा के साथ बीजेपी और एनडीए के लिए काम करेंगे। तिवारी ने विपक्ष पर युवाओं और छात्रों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “अब मैं बीजेपी में आ गया हूं, अब भाजपा के लिए ही जिएंगे और मरेंगे।”
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मृत्युंजय तिवारी ने राजद के सभी पदों से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उन्होंने कई बार अपनी नाराजगी और शिकायतें पार्टी नेतृत्व, खासकर तेजस्वी यादव, तक पहुंचाईं, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया गया। सम्मान न मिलने के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच मृत्युंजय तिवारी का बीजेपी में शामिल होना बिहार की सियासत में अहम माना जा रहा है। यह घटनाक्रम राजद के लिए एक बड़ा झटका और बीजेपी के लिए राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।