कहलगांव बिहार में उन गिनी चुनी सीटों में से एक है, जहां चौतरफा लड़ाई है. यहां महागठबंधन से राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं. तो दूसरी ओर एनडीए में जदयू प्रत्याशी के खिलाफ बीजेपी विधायक ताल ठोंक रहे हैं.
कहलगांव (भागलपुर):
Kahalgaon Assembly Seat: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भागलपुर में भी चुनाव होना है. भागलपुर की एक विधानसभा सीट है- कहलगांव. इस सीट की चर्चा इस चुनाव में खूब हो रही है. कारण यहां NDA और महागठबंधन दोनों बागियों से परेशान है. दरअसल कहलगांव बिहार में उन गिनी चुनी सीटों में से एक है, जहां चौतरफा लड़ाई है. कहलगांव वो सीट है, जहां से कांग्रेस से अपने समय के बड़े नेता सदानंद सिंह के पुत्र शुभानंद मुकेश JDU के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. यहां महागठबंधन में भी फूट है तो JDU बागी से परेशान है.
NTPC के लिए चर्चित है कहलगांव
भागलपुर का कहलगांव NTPC थर्मल पावर के लिए जाना जाता है. कहलगांव के NTPC की 2340 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है. एनटीपीसी की वजह से यहां ट्रकों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क और जाम की समस्या गंभीर है. यह विक्रमशिला के निकट स्थित है, जो पाल वंश के दौरान नालंदा के साथ-साथ दुनिया भर में बौद्ध शिक्षा का एक प्रसिद्ध केंद्र था.
9 बार विधायक रहे सदानंद सिंह के बेटे है JDU प्रत्याशी
सदानंद सिंह कहलगांव से 9 बार विधायक रहे. जिसमें 8 बार कांग्रेस से और एक बार निर्दलीय. अब उनकी विरासत को बढ़ाने उनके बेटे मैदान में उतरे हैं. शुभानंद पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे. मगर इस बार जेडीयू के टिकट पर लड़ रहे हैं.
कहा जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया है. यही वजह है कि एनडीए ने पूरी ताकत लगा रखी है. यहां डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, चिराग पासवान सहित कई बड़े नेताओं की जनसभाएं हो चुकी है.
शुभानंद के खिलाफ बीजेपी के पवन यादव मैदान में उतरे
शुभानंद मुकेश पेशे से इंजीनियर हैं उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं. उनके खिलाफ कहलगांव सीट पर तीन और प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से यहां के विधायक पवन यादव भी हैं. जो बीजेपी से 2020 में रिकार्ड मतों से जीते थे. मगर इस बार टिकट ना मिलने पर बागी हो गए हैं, और पूरे दमखम के साथ डटे हुए हैं.