मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, ‘सेटेबेलो’ नामक जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हमले के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 3 क्रू सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहे एक टैंकर पर कार्रवाई की थी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और पूरे मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर अपनी चिंता और आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी प्रतिनिधि से मुलाकात कर क्षेत्र में तनाव कम करने, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित नौवहन बहाल करने की मांग दोहराई।
इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा था कि वह स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई का दौर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने समझौते की दिशा में कदम नहीं बढ़ाए तो उसे और गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और अब उसे अपने फैसलों की कीमत चुकानी पड़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान तट के पास हुई यह घटना वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बन सकती है। खासकर भारत जैसे देशों के लिए, जो खाड़ी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर तेल और गैस आयात करते हैं, क्षेत्रीय अस्थिरता आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियां पैदा कर सकती है।
फिलहाल तीन लापता भारतीय क्रू सदस्यों की तलाश जारी है और भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।