बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने बढ़ाई RJD की चिंता, प्रशांत किशोर की जीत से तेजस्वी यादव के सामने नई चुनौती

5 0

बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की विपक्षी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लंबे समय से मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) की जीत ने न सिर्फ सत्तारूढ़ दल को झटका दिया, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदर्शन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बांकीपुर सीट पर वर्षों से बीजेपी का दबदबा रहा है। मौजूदा बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 2006 के उपचुनाव से लेकर 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनाव लगातार जीते। उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। ऐसे में यह सीट लंबे समय से बीजेपी का अभेद्य गढ़ मानी जाती रही है।

हालांकि इस उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा प्रशांत किशोर की जीत और RJD के वोट शेयर में आई बड़ी गिरावट को लेकर हो रही है। 2025 विधानसभा चुनाव में RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता को करीब 30 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन 2026 के उपचुनाव में उनका वोट शेयर घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गया। यानी कुछ ही महीनों में पार्टी को करीब 19 प्रतिशत वोटों का नुकसान हुआ।

इस नतीजे पर RJD सांसद मीसा भारती ने कहा कि पार्टी को इस हार की गंभीर समीक्षा करनी चाहिए। वहीं तेजस्वी यादव की बहन और RJD नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जीत उसी की होती है जो लगातार जनता के बीच रहता है, कार्यकर्ताओं का सम्मान करता है और संवाद बनाए रखता है। राजनीतिक हलकों में उनकी इस टिप्पणी को तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में भी देखा जा रहा है।

उपचुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने अंतिम चरण में प्रचार किया था, जिसे लेकर पार्टी के भीतर भी चर्चा रही। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर की जीत बिहार की विपक्षी राजनीति में एक नए शक्ति केंद्र के उभरने का संकेत हो सकती है।

हालांकि मीसा भारती ने प्रशांत किशोर को तेजस्वी यादव का प्रतिद्वंद्वी मानने से इनकार किया। उनका आरोप था कि प्रशांत किशोर को बीजेपी का अप्रत्यक्ष समर्थन मिला। वहीं RJD के कुछ नेताओं का कहना है कि बांकीपुर शहरी सीट है और यहां पार्टी का ऐतिहासिक आधार मजबूत नहीं रहा है, इसलिए इस हार को व्यापक राजनीतिक संदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों ने बिहार की विपक्षी राजनीति की तस्वीर बदलने के संकेत दिए हैं। प्रशांत किशोर अब विपक्ष में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेंगे, जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों में RJD और कांग्रेस दोनों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

Related Post

मैं किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं मिलूंगा जो पार्टी को 1,000 रुपये का चंदा नहीं देगा: प्रशांत किशोर

Posted by - November 21, 2025 0
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बेतिया में भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने जनता से 1000…

पंजाब उपचुनावः मतदान से 3 दिन पहले तरनतारन की SSP रवजोत कौर ग्रेवाल सस्पेंड, शिअद के आरोप के बाद EC ने लिया एक्शन

Posted by - November 15, 2025 0
पंजाब के तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में मतदान से ठीक तीन दिन पहले चुनाव आयोग ने शनिवार को जिले की वरिष्ठ…

कौन हैं नवाब सिंह नागर? जिन्हें 2027 चुनाव से पहले BJP ने सौंपी पश्चिमी यूपी की बड़ी जिम्मेदारी

Posted by - June 26, 2026 0
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संगठन का विस्तार करते हुए…

लालू को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी बोलीं- मेरा कोई परिवार नहीं, मुझे चप्पल से मारा जाएगा

Posted by - November 17, 2025 0
बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का परिवार टूटता नजर आ रहा है.…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *