मैं किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं मिलूंगा जो पार्टी को 1,000 रुपये का चंदा नहीं देगा: प्रशांत किशोर

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जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बेतिया में भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने जनता से 1000 रुपये का चंदा मांगा है। उन्होंने खुद की 90 प्रतिशत आय पार्टी को दान करने की भी बात कही है।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को बेतिया में अपनी एक दिन की भूख हड़ताल समाप्त की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि “देश के इतिहास में पहली बार” राज्य में वोट खरीदे गए और एक करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये जमा कराए गए। प्रशांत किशोर ने कहा, “अगर मैं गलत कह रहा हूं तो बिहार सरकार मुझे जेल भेज दे। राज्य सरकार के पास निधि नहीं थी, इसलिए राज्य के आकस्मिकता निधि से राशि ली गई और विश्व बैंक के अनुदानों का भी इस्तेमाल किया गया।”

घर-घर जाएंगे प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि चुनाव के दौरान एनडीए ने महिलाओं को दो लाख रुपये देने का वादा किया था। उन्होंने कहा, “हम बिहार की महिलाओं को यह रकम दिलवा कर रहेंगे।’’ उन्होंने घोषणा की कि 15 जनवरी के बाद जन सुराज के कार्यकर्ता राज्य के सभी 1.18 लाख वार्डों में जाकर लोगों को बताएंगे कि उनके वोट किस तरह खरीदे गए। उन्होंने कहा कि उसी दिन से ‘बिहार नव निर्माण संकल्प’ अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें वह स्वयं अगले 15 से 18 महीनों में राज्य के हर घर तक पहुंचेंगे।

पार्टी को दान करेंगे 90 प्रतिशत आय

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगले पांच वर्षों तक वह अपनी आय का 90 प्रतिशत पार्टी को दान देंगे। उन्होंने कहा, “पिछले 20 वर्षों में जो भी चल-अचल संपत्ति अर्जित की है, दिल्ली में स्थित एक घर को छोड़कर, सब कुछ जन सुराज पार्टी को दान करूंगा।” उन्होंने राज्य की जनता और जन सुराज से जुड़े लोगों से पार्टी को 1,000 रुपये चंदा देने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं मिलूंगा जो पार्टी को 1,000 रुपये का चंदा नहीं देगा।”

मोदी-नीतीश ने वोट खरीद लिए

नीतीश कुमार कैबिनेट पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “यह बिहार की जनता के मुंह पर तमाचा है। घाव पर नमक छिड़कने जैसा है। कुछ लोगों को सिर्फ इसलिए मंत्री बनाया गया क्योंकि उनके पिता राजनीति में हैं। भ्रष्ट और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी शामिल किया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बिहार की चिंता नहीं करते क्योंकि चुनाव में वोट खरीद लिए गए और अब उन्हें जनता की परवाह नहीं है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी राजनीति महात्मा गांधी की धैर्य और दृढ़ता की विचारधारा पर आधारित है। उन्होंने कहा, “हम सरकार बदलकर रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हमारा मनोबल तोड़ने की कोशिश की, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”

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