बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद जताई जा रही है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निवेश और गुणवत्तापूर्ण संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूजीसी (UGC) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में बिहार में 21 सरकारी और 8 निजी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विश्वविद्यालयों में लाखों छात्र विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं। राज्य के प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों में Patna University, Magadh University, Lalit Narayan Mithila University, B.R. Ambedkar Bihar University, Veer Kunwar Singh University और Patliputra University शामिल हैं।
वहीं निजी विश्वविद्यालयों में Amity University Patna जैसे संस्थान पहले से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। अब सरकार द्वारा स्वीकृत नए निजी विश्वविद्यालय विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।
सरकार द्वारा जिन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई है, उनमें मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, सिवान में निजी विश्वविद्यालय, नवादा के अशोक नगर में एस.ए. विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय तथा औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग विश्वविद्यालय शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से राज्य में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, शोध और कौशल विकास के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा छात्रों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम होने की संभावना है। आने वाले वर्षों में बिहार का उच्च शिक्षा ढांचा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।