नई दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर, 2025) को लाल किले के पास हुए भयंकर कार विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिले हैं कि विस्फोट “समय से पहले” हुआ था — यानी बम को विस्फोटित करने की योजना बाद में थी, लेकिन पुलिस की छापेमारी के दबाव में संदिग्धों ने जल्दबाजी में कार्रवाई कर दी।
क्या है अब तक की जांच में खुलासा
सूत्रों के अनुसार, विस्फोट में शामिल मुख्य संदिग्धों में से एक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का डॉक्टर बताया जा रहा है, जो कथित रूप से विस्फोटक तैयार करने में शामिल था। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने बताया कि यह व्यक्ति अपने दो साथियों के पकड़े जाने के बाद घबराहट में बम को समय से पहले सक्रिय कर बैठा, जिससे खुद उसकी भी मौत हो गई।
एनआईए की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठनों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। इस मॉड्यूल से संबंधित गतिविधियों को पिछले 20 दिनों से जम्मू-कश्मीर में ट्रैक किया जा रहा था।
अब तक हुई गिरफ्तारियाँ और पूछताछ
मंगलवार (11 नवंबर) को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुलवामा की रहने वाली डॉ. शाहीन सईद (40) को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह संदिग्ध डॉक्टर की सहयोगी थी और मेडिकल सुविधाओं के जरिए विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति में मदद करती थी।
इस मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 20 अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त जांच दल बनाकर कई राज्यों में छापेमारी तेज कर दी है।
राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने घटना के बाद लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों और पर्यटक स्थलों पर ड्रोन निगरानी बढ़ा दी गई है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से बुधवार (12 नवंबर) को लाल किला मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। बाकी सभी मेट्रो स्टेशन सामान्य रूप से चालू रहेंगे।
एनआईए की जांच की दिशा
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से RDX और अन्य उच्च-शक्ति वाले विस्फोटक अवशेष मिले हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि विस्फोटक सामग्री सीमा पार से तस्करी कर लाई गई थी। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों को किसने वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की।
साथ ही, एनआईए यह भी देख रही है कि कहीं इस घटना का संबंध हाल में घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों के पुनर्गठन प्रयासों से तो नहीं है।
राजधानी में अलर्ट जारी
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मॉल, रेलवे स्टेशन, और सार्वजनिक स्थलों पर तलाशी अभियान चल रहे हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ (RAW) ने भी अपनी टीमें मौके पर भेज दी हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा। गृह मंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर जांच एजेंसियों से त्वरित रिपोर्ट मांगी है।
दिल्ली के लाल किले के पास हुआ यह विस्फोट न केवल राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा पर सवाल उठाता है बल्कि देश के भीतर सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खतरों की भी ओर इशारा करता है। एनआईए और सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक जाने में जुटी हैं, और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है