साल 2011 में फिल्म ‘आई एम कलाम’ रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी लोगों के दिल में उतर गई थी। फिल्म के केंद्र में एक छोटा बच्चा था, जिसने नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम किया था। अब ये बच्चा ओटीटी की दुनिया का किंग बन गया है और अब तक की सबसे सफल सीरीज दे चुका है।
फिल्म इंडस्ट्री में कई कलाकार बहुत छोटी उम्र से ही अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाने लगते हैं। कम उम्र में अभिनय की बारीकियों को समझना, संवादों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और दर्शकों के दिलों पर स्थायी छाप छोड़ना आसान नहीं होता। इसके लिए गहन अभ्यास, समर्पण और निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है। ऐसे ही एक कलाकार हैं हर्ष मायर, जिन्होंने बतौर बाल कलाकार न केवल दर्शकों को प्रभावित किया, बल्कि अपनी उत्कृष्ट परफॉर्मेंस के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी अपने नाम किया। हर्ष मायर ने साल 2010 में रिलीज हुई कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘आई एम कलाम’ से अभिनय यात्रा की शुरुआत की। नीला माधव पांडा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में हर्ष के साथ गुलशन ग्रोवर और पितोबाश भी मुख्य भूमिकाओं में थे।
कैसी थी फिल्म की कहानी?
यह फिल्म भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन और विचारों से प्रेरित है। इस फिल्म में हर्ष ‘छोटू’ नाम के एक महत्वाकांक्षी लड़के का किरदार निभाते दिखाई देते हैं। राजस्थान की पृष्ठभूमि में बुनी इस कहानी में छोटू एक गरीब परिवार से आता है और सड़क किनारे ढाबे पर बाल मजदूर के रूप में काम करता है। हालाँकि परिस्थितियां कठिन हैं, लेकिन उसका सपना बड़ा है, एक दिन कुछ बनकर दिखाना। हर्ष की स्वाभाविक और भावुक अभिनय शैली ने दर्शकों के मन में गहरी जगह बनाई। इसी बेहतरीन अदायगी के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ‘आई एम कलाम’ की IMDb रेटिंग 7.9 है और यह फिल्म प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।