वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रम और निवेशकों की बदलती धारणा के बीच सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा शांति वार्ता को लेकर लगातार बदलते संकेतों का असर कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दिया। इसके चलते निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की ओर बढ़ा है।
MCX पर सोना और चांदी में जोरदार उछाल
सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 1,348 रुपये यानी 0.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,551 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
वहीं जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी में 5,150 रुपये यानी 2.21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। चांदी का भाव बढ़कर 2,38,350 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जिससे यह फिर से 2.38 लाख रुपये के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर निकल गई।
क्यों बढ़े सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है। इसके अलावा डॉलर और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव का भी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर असर पड़ा है।
हाल के दिनों में बाजार में गिरावट के बाद निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने भी सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है।
सोने पर क्या है विशेषज्ञों की राय?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक MCX गोल्ड ने शुरुआती कमजोरी के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई है। यदि सोना 1,48,400 रुपये के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो इसमें तेजी बढ़कर 1,49,500 से 1,50,000 रुपये तक जा सकती है। इसके बाद 1,51,000 रुपये का स्तर अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य माना जा रहा है।
हालांकि 1,46,000 से 1,45,600 रुपये का दायरा सोने के लिए मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमतें 1,45,000 रुपये तक फिसल सकती हैं।
चांदी के लिए अहम स्तर
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में तेजी का रुख बरकरार है। यदि कीमतें 2,37,000 से 2,38,000 रुपये के रेजिस्टेंस जोन को पार कर जाती हैं तो यह 2,40,000 से 2,42,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
दूसरी ओर 2,35,000 रुपये के नीचे फिसलने पर चांदी में दबाव बढ़ सकता है और भाव 2,32,000 से 2,30,000 रुपये तक आ सकते हैं।
कच्चे तेल में गिरावट
इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कमजोरी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अभी भी सतर्क स्थिति में है, लेकिन हालिया रिकवरी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। सोने के लिए 1,50,000 रुपये और चांदी के लिए 2,40,000 रुपये का स्तर आने वाले दिनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।