रत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को भारतीय टीम का सबसे बड़ा ‘एक्स फैक्टर’ बताया है। उनका मानना है कि श्रीलंका की स्पिन के लिए मददगार पिचों पर जडेजा का अनुभव टीम इंडिया के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
श्रीलंका दौरे पर अनुभव बनेगा सबसे बड़ी ताकत
दीप दासगुप्ता ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम में कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेलने जा रहे हैं। ऐसे में केवल रवींद्र जडेजा और केएल राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के पास वहां की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है।
केएल राहुल 2015 और 2017 के श्रीलंका दौरे का हिस्सा रह चुके हैं, जबकि जडेजा 2017 में भारत की 3-0 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत का अहम हिस्सा थे।
स्पिन पिचों पर सिर्फ टर्न नहीं, रणनीति भी जरूरी
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान दीप दासगुप्ता ने कहा कि श्रीलंका जैसी स्पिन फ्रेंडली पिचों पर सफलता केवल गेंद को ज्यादा घुमाने से नहीं मिलती। इसके लिए गेंदबाज को लाइन, लेंथ, गति और वैरिएशन पर लगातार काम करना पड़ता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह तेज गेंदबाज हरी पिच देखकर सिर्फ शॉर्ट गेंदबाजी करने लगते हैं और विकेट नहीं निकाल पाते, उसी तरह स्पिन गेंदबाजी में भी सही रणनीति और धैर्य की जरूरत होती है।
युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे जडेजा
दासगुप्ता का मानना है कि रवींद्र जडेजा केवल अपनी गेंदबाजी से ही नहीं, बल्कि अपने अनुभव से भी टीम को फायदा पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि जडेजा जानते हैं कि श्रीलंका की पिचों पर किस तरह गेंदबाजी करनी है और उन्हें अपने अनुभव को युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करना चाहिए, ताकि पूरी टीम को इसका लाभ मिल सके।
15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर आयोजित होगा।
इस सीरीज में टीम इंडिया की नजरें जीत के साथ-साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में मजबूत शुरुआत करने पर भी होंगी।