मंगल अस्त 2025 – 07 नवंबर को मंगलदेव होंगे अस्त !
युद्ध, साहस और पराक्रम के ग्रह मंगल अभी अपनी स्वराशि वृश्चिक में विराजमान हैं , जो अब 07 नवंबर 2025 को इसी राशि में रहते हुए अस्त हो जाएंगे। मंगल के अस्त होने से कुछ राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह एक निश्चित अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं, ग्रहों के गोचर करने के अलावा ये समय पर मार्गी, वक्री, अस्त और उदय होते हैं जिसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलता है। युद्ध, साहस और पराक्रम के ग्रह मंगल अभी अपनी स्वराशि वृश्चिक में विराजमान हैं जो अब 07 नवंबर 2025 को इसी राशि में रहते हुए अस्त हो जाएंगे। मंगल के अस्त होने से कुछ राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा।
आइये जानते हैं किन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगलदेव आपके पहले और आठवें भाव के स्वामी होते हैं और अब यह 7 नवंबर को अस्त होकर आपके अष्टम भाव में होगा। ऐसे में इस दौरान मेष राशि वालों के कार्यो में रुकावटें और देरी हो सकती है। मानसिक चिंताओं में वृद्धि होगी। जो लोग नौकरीपेशा हैं और इस दौरान नौकरी में बदलाव लाना चाह रहे हैं उनके लिए आने वाला समय अच्छा रहेगा। आपके लिए नौकरी बदलना अच्छा और फायदेमंद रहेगा। व्यापार में कुछ अतिरिक्त फायदा आपको मिल सकता है। आपको इस दौरान बेहतर अवसरों की प्राप्ति होगी। आर्थिक मामलों में आपको सतर्कता बरतनी होगी। आपको अपने गुस्से पर कंट्रोल करना होगा। सेहत में चिंताएं पहले की तरह बनी रहेगी।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए मंगल पंचम और दशम भाव के स्वामी होते हैं और 07 नवंबर को मंगल वृश्चिक राशि में रहते हुए आपके पंचम भाव में अस्त होंगे। ऐसे में आपको संतान की तरफ से जुड़ी इससे खुशियां आपको सुनने को मिल सकती है। इस दौरान आपको मानसिक शांति और सुकून प्राप्ति होगा। करियर के मामले में आपको नए मौके और अवसर प्रदान होंगे। जो लोग नौकरी की तलाश में हैं उनको अच्छी नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। वहीं मंगल के अस्त होने पर व्यापार में अच्छा खासा लाभ होता हुआ दिखाई देगा। इस दौरान आपकी आमदनी में वृद्धि होगी। आपका बैंक बैलेंस बढ़ेगा। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी संग प्रेम और सहयोग बना रहा है। लेकिन इस दौरान सेहत में मामूली रूप से गिरावट देखने को मिल सकती है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल चौथे और नवम भाव के स्वामी हैं और मंगल का स्वराशि वृश्चिक में अस्त आपके चौथे भाव में होगा। कुंडली का चौथा भाव माता, सुख, वाहन और भूमि से संबंधित है। ऐसे में सिंह राशि के जातकों को घर-परिवार में सुख-शांति आसानी के साथ नहीं मिलेगी। पारिवारिक जीवन में इस दौरान तनाव का सामना करना पड़ सकता है। करियर-कारोबार में आपका उतना लाभ नहीं मिलेगा जितना आपने सोचा होगा। जो लोग किसी तरह का व्यापार आदि करते हैं उनको कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके खर्चों में वृद्दि होगी और आप ऐशोआराम में कुछ धन खर्च करने में कामयाब रहेंगे। मंगल के अस्त होने पर जीवनसाथी के साथ वक्त बिताकर आप खुश रहेंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से आपकी अचानक सेहत बिगड़ सकती है।