NEET UG 2026 परीक्षा में सफल हुए लाखों छात्रों के लिए अब सबसे अहम चरण काउंसलिंग का शुरू होने जा रहा है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत MBBS, BDS और B.Sc Nursing सहित विभिन्न मेडिकल कोर्सों की काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। पहले राउंड की प्रक्रिया 5 अगस्त 2026 से शुरू होकर 17 अगस्त 2026 तक चलेगी।
काउंसलिंग के दौरान सही कॉलेज का चयन, चॉइस फिलिंग, दस्तावेजों की तैयारी और समय पर रिपोर्टिंग बेहद महत्वपूर्ण होती है। छोटी सी गलती भी एडमिशन पर असर डाल सकती है। ऐसे में छात्रों को पहले से पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए।
सबसे पहले करें रजिस्ट्रेशन की तैयारी
काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन से पहले उन मेडिकल कॉलेजों की सूची तैयार कर लें, जहां आप अपनी रैंक और पसंद के अनुसार एडमिशन लेना चाहते हैं। साथ ही MCC द्वारा जारी यूजर मैनुअल को ध्यान से पढ़ना भी जरूरी है।
चॉइस फिलिंग सोच-समझकर करें
कॉलेज और कोर्स की चॉइस भरते समय जल्दबाजी न करें। पिछले वर्षों के कटऑफ, कॉलेज की रैंकिंग, फीस, हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट जैसी बातों को ध्यान में रखकर ही विकल्प चुनें।
रजिस्ट्रेशन के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
ऑनलाइन आवेदन करते समय वही जानकारी भरें जो आपने NEET UG आवेदन पत्र में दी थी। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है। अपना पासवर्ड और OTP किसी के साथ साझा न करें और आवेदन से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें।
रिपोर्टिंग के समय इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
कॉलेज में रिपोर्टिंग के दौरान उम्मीदवारों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें शामिल हैं—
- MCC द्वारा जारी सीट अलॉटमेंट लेटर
- NEET UG एडमिट कार्ड
- NEET स्कोर कार्ड और रैंक लेटर
- 10वीं एवं 12वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
- 8 पासपोर्ट साइज फोटो
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या अन्य वैध पहचान पत्र
- SC/ST/OBC (NCL)/EWS/PwD प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
स्थानीय भाषा वाले प्रमाण पत्र का अनुवाद जरूरी
यदि आपका कोई प्रमाण पत्र स्थानीय भाषा में है, तो उसके साथ अंग्रेजी या हिंदी में अधिकृत अनुवाद और सत्यापित प्रति भी जमा करनी होगी। बिना मूल दस्तावेजों के कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा।
नाम की स्पेलिंग अलग है तो क्या करें?
यदि आपके आवेदन पत्र और दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग में थोड़ा अंतर है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए नोटरी से एक शपथ पत्र (Affidavit) बनवाकर प्रस्तुत किया जा सकता है।
कॉलेज चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
केवल सरकारी या निजी कॉलेज का नाम देखकर निर्णय न लें। कॉलेज की मान्यता, फैकल्टी, अस्पताल में मरीजों की संख्या, क्लिनिकल एक्सपोजर, हॉस्टल, फीस और भविष्य की संभावनाओं की भी जानकारी जरूर लें।
समय सीमा का रखें विशेष ध्यान
MCC द्वारा जारी सभी तारीखों का पालन करना बेहद जरूरी है। रजिस्ट्रेशन, फीस जमा करने, चॉइस लॉक करने और रिपोर्टिंग की अंतिम तिथि निकल जाने के बाद कोई अतिरिक्त मौका नहीं मिलता।
फर्जी एजेंटों से रहें सावधान
काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और मेरिट आधारित होती है। किसी भी एजेंट, बिचौलिए या फर्जी एडमिशन के झांसे में न आएं। केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी सूचना पर ही भरोसा करें।
तैयारी पूरी होगी तो एडमिशन आसान होगा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि छात्र पहले से अपने दस्तावेज तैयार रखें, कॉलेजों की जानकारी जुटा लें और काउंसलिंग प्रक्रिया को समझकर भाग लें, तो मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया काफी आसान और तनावमुक्त हो सकती है। NEET UG काउंसलिंग में सही रणनीति और समय पर लिए गए फैसले ही बेहतर मेडिकल कॉलेज दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।