उठो देव बैठो देव, पाटकली चटकाओ देव…देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु को जगाने का मंत्र और भजन यहां देखें

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Dev Uthani Ekadashi Bhajan And Mantra (उठो देव बैठो देव लिरिक्स): देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये दिन भगवान विष्णु के जागृत अवस्था में आने का होता है। इसलिए इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु को जगाने के लिए एक खास मंत्र पढ़ते हैं और साथ ही उठो देव जागो देव भजन गुनगुनाते हैं।

Dev Uthani Ekadashi Bhajan And Mantra (उठो देव बैठो देव लिरिक्स): देवशयनी एकादशी पर योग निद्रा में गए भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। ऐसे में ये दिन अत्यंत ही शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिन से चार महीनों से रूके हुए मांगलिक कार्य पुन: शुरू हो जाते हैं। इस दिन भक्तगण भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करते हैं और उन्हें तरह-तरह की चीजों का भोग लगाते हैं। साथ ही कई लोग इस दिन तुलसी जी और शालिग्राम भगवान का विवाह भी कराते हैं। ये दिन स्नान-दान इत्यादि कार्यों के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। बता दें इस साल देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 को मनाई जा रही है। यहां हम आपको बताएंगे इस दिन भगवान विष्णु को जगाने के लिए किस मंत्र और भजन को बोला जाता है।

देव उठनी एकादशी मंत्र (Dev Uthani Ekadashi Mantra)

देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को जगाते समय ये मंत्र बोलना चाहिए –

  • उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द उत्तिष्ठ गरुडध्वज। उत्तिष्ठ कमलाकान्त त्रैलोक्यं मङ्गलं कुरु।।

अर्थ है कि हे कमलाकांत, हे गोविंद, हे गरुड़ध्वज आप जागिए और उठिए और संसार समेत त्रिलोक का मंगल कीजिए।

इस मंत्र के बाद भगवान विष्णु के इस शक्तिशाली मंत्र का जाप करना चाहिए

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः

अर्थ- मैं भगवान वासुदेव, जो सभी प्राणियों के पालक हैं और सर्वोच्च ईश्वर हैं, को प्रणाम करता हूँ

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