Bihar Elections: तहसीन पूनावाला ने राज ठाकरे की राजनीति को पेंडुलम बताया. उन्होंने कहा कि अब मनसे और ठाकरे भाइयों का महाराष्ट्र में कोई असर या जनाधार नहीं बचा है, सिर्फ सत्ता की होड़ रह गई है.
राजनीतिक विश्लेषक और सलाहकार तहसीन पूनावाला ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे की राजनीति अब एक ‘पेंडुलम’ की तरह हो गई है जो लगातार एक छोर से दूसरे छोर तक झूलता रहता है, लेकिन किसी दिशा में ठहर नहीं पाता है.
पूनावाला ने कहा कि 2014 में राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का समर्थन किया था. फिर 2019 में उन्होंने विपक्षी नेताओं और कांग्रेस का समर्थन किया. अब 2024 में, वह फिर से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के पक्ष में खड़े हैं. यह उनका राजनीतिक पेंडुलम है जो निरंतर झूलता रहता है.
उन्होंने कहा कि मनसे प्रमुख की राजनीतिक जमीन अब पूरी तरह कमजोर हो चुकी है. पूनावाला ने कहा कि प्रदेश में जब लोकसभा चुनाव के बीच असेंबली चुनाव हुए, तब उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई. यहां तक कि उनका बेटा भी अपनी सीट गंवा चुका है. अब राज ठाकरे का कोई राजनीतिक महत्व नहीं रह गया है.
उन्होंने आगे कहा कि यह वही राज ठाकरे हैं जिन्होंने बिहार के प्रवासी मजदूरों को धमकाया और उनके खिलाफ हिंसा भड़काई थी. उन्होंने कोविड काल में कहा था कि मुसलमानों को गोली मार देनी चाहिए और मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारने की बातें कही थीं. ऐसे व्यक्ति का राजनीतिक या नैतिक औचित्य ही नहीं बचा है.
बिहार विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में पूनावाला ने सवाल उठाया, “क्या बिहार के लोग चाहेंगे कि इंडिया महागठबंधन में राज ठाकरे जैसी पार्टी शामिल हो?” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “राज ठाकरे की पार्टी वो इंजन है, जिसे चलाने के लिए पीछे से धक्का लगाना पड़ता है.”
तहसीन पूनावाला ने यह भी कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे, दोनों भाइयों का अब महाराष्ट्र की राजनीति में कोई ठोस असर नहीं बचा है. दोनों सत्ता के लिए अलग हुए थे और सत्ता के लिए ही फिर एक होने की कोशिश कर रहे हैं. न तो इनमें विचारधारा बची है और न जनाधार. उनकी राजनीति अब सिर्फ सत्ता पाने की होड़ बनकर रह गई है.