भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उम्र महज़ एक संख्या है।
38 साल और 182 दिन की उम्र में रोहित शर्मा ने आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।
वह अब आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बनने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बन गए हैं।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सचिन ने आखिरी बार साल 2011 में 38 वर्ष और 73 दिन की उम्र में टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
अब रोहित ने एकदिवसीय प्रारूप में यह मुकाम हासिल कर भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।

शुभमन गिल को पछाड़ा, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन
रोहित शर्मा ने मौजूदा भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्ज़ा जमाया है।
गिल, जो लंबे समय से रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज़ थे, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज़ में खराब फॉर्म से जूझे और मात्र तीन मैचों में 43 रन ही बना सके।
वहीं दूसरी ओर, रोहित ने उसी सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने तीन पारियों में 202 रन ठोके, जिसमें सिडनी में खेली गई 125 रनों की यादगार पारी शामिल थी।
यह पारी भारत को निर्णायक मैच में 9 विकेट से जीत दिलाने में अहम साबित हुई।
यही नहीं, यह पारी रोहित के करियर का 33वां वनडे शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50वां शतक थी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
रैंकिंग में बड़ा उछाल, 781 अंकों के साथ शीर्ष पर
आईसीसी की ताज़ा रैंकिंग में रोहित शर्मा ने 36 रेटिंग अंक हासिल किए हैं।
अब उनके कुल अंक 781 हो गए हैं, जबकि गिल 741 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।
अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान अब दूसरे स्थान पर हैं।
वहीं विराट कोहली, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत लगातार दो शून्य से की थी, तीसरे वनडे में नाबाद 74 रन बनाकर वापसी की।
इसके बावजूद, वह रैंकिंग में एक स्थान नीचे खिसककर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं।
श्रेयस अय्यर शानदार प्रदर्शन के बाद अब नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

2019 वर्ल्ड कप के बाद फिर से शीर्ष पर
रोहित शर्मा का यह मुकाम उनके करियर की निरंतरता और फिटनेस का प्रमाण है।
2019 के वनडे विश्व कप में उन्होंने रिकॉर्ड पांच शतक जड़े थे और उस समय उनके 882 रेटिंग पॉइंट्स उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ थे।
अब, छह साल बाद, उन्होंने फिर से विश्व क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाज के रूप में वापसी की है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि रोहित का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
लेकिन उन्होंने बल्ले से जवाब देकर साबित किया है कि वह अभी भी भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।
रोहित शर्मा का यह कारनामा न केवल उनकी मेहनत और अनुभव का नतीजा है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।
जहां एक ओर युवा बल्लेबाज नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर “हिटमैन” रोहित शर्मा ने दिखा दिया कि पुराना अनुभव आज भी नए जोश पर भारी पड़ सकता है।