अभिनेत्री काजल अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस’ का दमदार टीज़र रिलीज़ हो गया है। यह फिल्म देश में कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल और उसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को केंद्र में रखती है। फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज़ होगी।
टीज़र में दिखाया गया है कि कैसे खेती में इस्तेमाल होने वाले जहरीले रसायन धीरे-धीरे हमारी रोजमर्रा की थाली तक पहुंच रहे हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। फिल्म में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े ऐसे किरदार निभा रहे हैं, जो इस छिपे हुए खतरे को समाज के सामने लाने और न्याय की लड़ाई लड़ने का प्रयास करते हैं।
फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी, पटकथा और निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है। जी स्टूडियोज और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज के बैनर तले बनी यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करती है।
निर्देशक चेतन डीके का कहना है कि ‘द इंडिया स्टोरी’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज में जरूरी संवाद की शुरुआत है। उनके अनुसार, कीटनाशक आधारित खेती से पैदा हो रहे स्वास्थ्य संकट को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं और यह फिल्म उसी छिपे हुए खतरे को सामने लाने का प्रयास है। उनका मानना है कि दर्शकों को यह सोचने के लिए प्रेरित करना जरूरी है कि आखिर उनकी थाली में परोसा जा रहा भोजन कितना सुरक्षित है।
श्रेयस तलपड़े ने कहा कि यह कहानी हर परिवार से जुड़ा विषय उठाती है। उनके मुताबिक फिल्म में उनका किरदार एक ऐसे आम पिता का है, जो अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एक बड़ी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष करता है। वहीं काजल अग्रवाल ने कहा कि एक मां होने के नाते यह कहानी उनसे व्यक्तिगत रूप से जुड़ती है, क्योंकि आज हर माता-पिता अपने बच्चों के सुरक्षित भोजन और बेहतर स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धाकड़े, संपादक आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिज़ाइनर अनमोल भावे शामिल हैं। निर्माता टीम का कहना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को अपने भोजन, खेती की पद्धतियों और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास है।