पश्चिम बंगाल में 34 लाख आधार कार्ड धारक ‘मृत’ पाए गए, UIDAI ने चुनाव आयोग को दी जानकारी

87 0

पश्चिम बंगाल से एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। राज्य में 34 लाख आधार कार्ड धारक ‘मृत’ पाए गए हैं। UIDAI ने भारत निर्वाचन आयोग को इस बात की जानकारी दी है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने चुनाव आयोग को बड़ी जानकारी सौंपी है। UIDAI ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में करीब 34 लाख आधार कार्ड धारक ‘मृत’ पाए गए हैं। ये आंकड़ा जनवरी 2009 में आधार पहचान पत्र की शुरुआत होने के बाद से अब तक का है। UIDAI के अधिकारियों ने चुनाव आयोग को ये भी जानकारी दी है कि पश्चिम बंगाल में करीब 13 लाख लोग ऐसे थे जिनके पास कभी आधार कार्ड नहीं था, लेकिन अब उनकी मौत हो चुकी है। ये जानकारी बुधवार को UIDAI के अधिकारियों और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बीच हुई बैठक में शेयर की गई है।

SIR अभियान के बीच बड़ी बैठक

दरअसल, UIDAI के अधिकारियों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बीच ये बैठक पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रहे अभियान के बीच हुई है। चुनाव आयोग की ओर से सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे आधार प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाए ताकि वोटर्स के आंकड़ों का सत्यापन किया जा सके और किसी भी तरह की विसंगतियों की पहचान की जा सके।

चुनाव आयोग को शिकायतें मिली

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा- “चुनाव आयोग को फर्जी वोटर्स, मृत वोटर्स, अनुपस्थित वोटर्सऔर मतदाता सूची में दोहराए गए नामों को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। मृत नागरिकों से जुड़ा UIDAI का आंकड़ा ऐसी प्रविष्टियों की पहचान कर के उन्हें वोटर लिस्ट से हटाने में मदद करेगा।” अधिकारी ने आगे बताया- “बैंकों ने उन खातों का विवरण साझा किया है जिनमें वर्षों से KYC अपडेट नहीं किया गया, जिससे उन मृत व्यक्तियों की पहचान में मदद मिल रही है जिनके नाम अब भी वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।”

SIR की प्रक्रिया कहां तक पहुंची?

आपको बता दें कि पूरे पश्चिम बंगाल में फिलहाल मृत और फर्जी वोटर्स को हटाने के लिए चुनाव आयोग की ओर से SIR अभियान चलाया जा रहा है। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा घर-घर जाकर साल 2025 की वोटर लिस्ट के आधार पर गणना फॉर्म बांटे जा रहे हैं। इसके बाद आवेदकों की ओर से दिए गए आंकड़ों को साल 2002 की वोटर लिस्ट से मिलाया जा रहा है। बता दें कि इससे पहले SIR की प्रक्रिया साल 2002 में हुई थी। दी गई जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात 8 बजे तक पश्चिम बंगाल में 6.98 करोड़ (91.19 प्रतिशत) गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया है कि प्रारूप वोटर लिस्ट में अगर फर्जी, मृत या दोहराए गए नाम पाए जाते हैं तो संबंधित BLO के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। 

Related Post

गुजरात सरकार ने बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की

Posted by - November 11, 2025 0
बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। राहत पैकेज का ऐलान करने से पहले…

कर्नाटक में CM पद के लिए रस्साकशी जारी, DK शिवकुमार ने दिल्ली भेजा विधायकों का नया जत्था

Posted by - November 24, 2025 0
कर्नाटक में CM पद पर गहमागहमी, DK शिवकुमार ने दिल्ली भेजा विधायकों का नया जत्था कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *