दुनिया के नक्शे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। ‘Correct the Map’ नाम से लाए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य दुनिया के नक्शों में अफ्रीका के वास्तविक भौगोलिक आकार को अधिक सटीक तरीके से दर्शाना है। यह प्रस्ताव अफ्रीकी देश टोगो की ओर से पेश किया गया था और इसे कई देशों का समर्थन मिला।
UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पर वोटिंग
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अफ्रीका के वास्तविक आकार को दर्शाने वाले प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। उपलब्ध सामग्री के अनुसार प्रस्ताव के समर्थन में 164 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि एक देश ने इसका विरोध किया और 6 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव को भारी समर्थन के साथ मंजूरी मिली।
टोगो के इस प्रस्ताव को अफ्रीकी संघ के 54 अन्य सदस्य देशों समेत कई देशों का समर्थन मिला। इसका मकसद वैश्विक मानचित्रों में अफ्रीका के आकार को अधिक वास्तविक रूप में प्रस्तुत करना है।
अफ्रीका के आकार को लेकर क्या है मुद्दा?
यह पहल लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे Mercator Projection से जुड़ी है। 16वीं शताब्दी में विकसित यह मानचित्र मुख्य रूप से नेविगेशन के लिए तैयार किया गया था। हालांकि, इसमें पृथ्वी के विभिन्न क्षेत्रों के वास्तविक क्षेत्रफल को सही अनुपात में दिखाना संभव नहीं होता।
अफ्रीकी संघ आयोग के अनुसार, Mercator Projection में अफ्रीका अपने वास्तविक आकार से काफी छोटा दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर, पुराने नक्शे में अफ्रीका को ग्रीनलैंड के लगभग बराबर आकार का दिखाया जाता है, जबकि वास्तविकता में अफ्रीका ग्रीनलैंड से करीब 14 गुना बड़ा है।
अफ्रीकी संघ ने फैसले का किया स्वागत
संयुक्त राष्ट्र में अफ्रीकी संघ के स्थायी पर्यवेक्षक मिशन ने प्रस्ताव के पारित होने का स्वागत किया। मिशन ने टोगो और अफ्रीकी समूह को बधाई देते हुए इसे वैश्विक मानचित्रों में अफ्रीका के वास्तविक भौगोलिक आकार को बेहतर तरीके से दिखाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
अफ्रीकी संघ आयोग ने भी इस फैसले का स्वागत किया। आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने टोगो की नेतृत्वकारी भूमिका और अफ्रीकी देशों की एकजुटता की सराहना की। उन्होंने टोगो गणराज्य और राष्ट्रपति फॉर एसोजिम्ना ग्नासिंगबे को भी बधाई दी।
अब Equal Earth Projection पर जोर
प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे समान-क्षेत्रफल वाले मानचित्रों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य स्कूलों, मीडिया, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दुनिया के देशों और महाद्वीपों का वास्तविक आकार अधिक सटीक रूप में दिखाना है।
अफ्रीकी संघ आयोग ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, शिक्षा व्यवस्था, प्रकाशकों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों से ऐसे मानचित्रों को धीरे-धीरे अपनाने की अपील की है, जो वास्तविक भू-क्षेत्रफल को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करें।