पश्चिम बंगाल में आलू, प्याज समेत कई आवश्यक कृषि उत्पादों के अंतरराज्यीय परिवहन पर लगे प्रतिबंध हटाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार ने लंबे समय से लागू उन नियमों को समाप्त कर दिया है, जिनके तहत कृषि और पशुधन उत्पादों की बाहरी राज्यों में आपूर्ति पर रोक या सख्त नियंत्रण था।
इन प्रतिबंधों के कारण खासकर आलू उत्पादक किसानों को नुकसान की शिकायतें लगातार उठती रही थीं। अब नियमों में ढील मिलने के बाद किसानों और व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के कार्यकाल में लगाए गए इन प्रतिबंधों को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है। वहीं, हालिया राजनीतिक चर्चा में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari ने भी किसानों के हितों और व्यापारिक बाधाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत आलू, प्याज के साथ-साथ अनाज, तिलहन, फल, सब्ज़ियां और पशु उत्पादों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों को भी हटाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे राज्य के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कृषि नीति और खाद्य आपूर्ति से जुड़े ये फैसले राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं।