समय-समय पर लक्ष्य निर्धारित कर डेटा आधारित सुशासन सुनिश्चित करें: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू

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अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे शासन के सभी क्षेत्रों में डेटा आधारित नीति निर्धारण अपनाते हुए अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करें। उनका कहना है कि टीडीपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता को बेहतर, पारदर्शी और परिणाम-केन्द्रित सुशासन प्रदान करना है। इसी उद्देश्य के तहत राज्य सरकार ने एक समग्र विज़न योजना तैयार की है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित डेटा-संचालित गवर्नेंस समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि प्रशासन के हर स्तर पर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, प्रगति मूल्यांकन और नियमित परिणाम समीक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए। उन्होंने कहा,

“जनता तक प्रभावी सेवाएं पहुंचाना सिर्फ प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि शासन की आत्मा है। इसलिए योजनाओं को उनके प्रभाव के आधार पर मूल्यांकित किया जाए और जमीन स्तर पर तेजी से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।”

ग्राम सचिवालय होंगे ‘विजन यूनिट’ की तरह कार्यरत

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘ग्राम सचिवालय’ प्रणाली को सुशासन का मुख्य आधार बनाया जाए।
ग्राम सचिवालय जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों की पहचान और सेवा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नायडू का मानना है कि यदि इन्हें टेक्नोलॉजी और डेटा मैनेजमेंट से जोड़ा जाए, तो सेवा प्रदान करने की गति और प्रभाव दोनों में बड़ा सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि “विजन 2047” लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ग्राम स्तर से लेकर सचिवालय स्तर तक एक सुव्यवस्थित कार्य ढांचा तैयार किया जाना चाहिए। इन लक्ष्यों की सफलता को मासिक, तिमाही और वार्षिक आधार पर मापा जाएगा।

अमरावती में क्वांटम कंप्यूटर की स्थापना

नायडू ने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष जनवरी में राज्य की ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती में एक क्वांटम कंप्यूटर स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग की मदद से निर्णय लेने की गति तेज होगी और डेटा विश्लेषण की क्षमता बढ़ेगी, जिससे शासन की दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।

डेटा लेक और रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के महत्वपूर्ण डेटा को जोड़कर एक एकीकृत ‘डेटा लेक’ बनाया जाएगा। इससे:

  • नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सटीकता आएगी

  • विभागीय समन्वय मजबूत होगा

  • रियल टाइम समस्याओं पर तेज प्रतिक्रिया संभव होगी

उन्होंने विशेष तौर पर पुलिस विभाग को डेटा लेक से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि अपराध नियंत्रण, निगरानी और त्वरित कार्रवाई में सुधार हो सके।

डिजिटल सेवाओं के उपयोग पर बल

नायडू ने केंद्र सरकार की डिजीलॉकर सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों को दस्तावेजों की भौतिक प्रतियों की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए डिजीलॉकर को व्यापक रूप से अपनाया जाना चाहिए।

साथ ही, उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग में हुई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इन मुद्दों को व्यवस्थित सुधारों के माध्यम से दूर कर रही है।

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