नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार धमाके की जांच में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया है कि आई20 कार में मौजूद शख्स कोई और नहीं बल्कि आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद था। डीएनए टेस्ट से इसकी आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
डीएनए रिपोर्ट से खुला सच
दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने बुधवार देर रात डीएनए जांच की रिपोर्ट प्राप्त की।
मृतक के शव के अवशेषों से मिले डीएनए सैंपल का मिलान उमर की मां के डीएनए से 100% मेल खा गया, जिससे यह साबित हो गया कि धमाके में मारा गया व्यक्ति उमर नबी उर्फ डॉक्टर उमर मोहम्मद ही था।
जानकारी के मुताबिक, उमर पुलवामा के संबूरा इलाके का रहने वाला था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके परिजनों — मां और भाई — से पूछताछ की थी, जिनसे डीएनए सैंपल लिए गए थे।
आई20 कार में था विस्फोटक, खुद भी मारा गया
जांच एजेंसियों ने बताया कि उमर ने आई20 कार में विस्फोटक लाद रखा था और संभवतः वह कार बम तैयार करने की कोशिश कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, उसने इंटरनेट से विस्फोटक सामग्री और बम बनाने की तकनीक से जुड़ी जानकारी जुटाई थी।
10 नवंबर को जब उसके कुछ साथी गिरफ्तार हुए, तो उमर घबराहट में कार सहित खुद को उड़ा लिया। दिल्ली पुलिस और एनआईए अब इस पूरे मॉड्यूल के नेटवर्क की तहकीकात कर रही हैं।
मृतकों की संख्या बढ़ी, अब तक 13 की मौत
लाल किले के सामने हुए धमाके में एक और घायल की गुरुवार सुबह मौत हो गई।
कुल मृतक संख्या अब 13 हो गई है। मृतक की पहचान बिलाल पुत्र गुलाम हसन के रूप में हुई है, जो दिल्ली के बाहर का रहने वाला था।
वर्तमान में 16 से अधिक घायल दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी की हालत अब खतरे से बाहर है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए 40 से ज्यादा सबूत
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से 40 से अधिक नमूने इकट्ठा किए हैं। इनमें
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दो कारतूस,
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और दो अलग-अलग प्रकार के विस्फोटक पदार्थों के अंश शामिल हैं।
एफएसएल ने इन नमूनों के विश्लेषण के लिए विशेष टीम गठित की है, जो 24 घंटे जांच में जुटी है। एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
जांच का दायरा बढ़ा
एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त जांच टीम अब उमर के नेटवर्क, ऑनलाइन गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उमर को किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से मदद मिल रही थी।
दिल्ली धमाके की जांच ने अब साफ कर दिया है कि यह कोई सामान्य विस्फोट नहीं, बल्कि एक आतंकी साजिश थी। डीएनए रिपोर्ट ने उमर मोहम्मद की भूमिका की पुष्टि कर दी है, लेकिन अब सवाल यह है — क्या दिल्ली जैसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में इस तरह का विस्फोट सुरक्षा तंत्र की विफलता का संकेत नहीं देता?