भारत-ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी का किया विस्तार, जयशंकर ने दी संबंधों की मिसाल

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी की तारीफ की है। उन्होंने रक्षा, सुरक्षा, निवेश, व्यापार जैसे संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया।

भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा-सुरक्षा से लेकर अन्य क्षेत्रों में मजबूत और भरोसेमंद साथी बनकर उभरे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा:“हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान सहयोग के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें  व्यापार और निवेश , रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा और कौशल विकास , विज्ञान-प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान ,अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा और सबसे महत्वपूर्ण हमारे लोगों के बीच जीवंत संबंध हैं।”

हैदराबाद हाउस में हुई बैठक

विदेश मंत्री एस जयशंकर और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने गुरुवार को 16वीं भारत-ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता (Foreign Ministers’ Framework Dialogue) की सह-अध्यक्षता की। हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक में दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने आगे कहा: “आज की बैठक न सिर्फ अब तक की प्रगति की समीक्षा करने का बेहतरीन मौका है, बल्कि हमारे संबंधों के अगले चरण का एजेंडा तय करने का भी अवसर है। जो सिफारिशें हम अपने प्रधानमंत्रियों को देंगे, वे उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगी। खासकर जब वे जल्द ही मिलेंगे।”

जी-20 में मिल सकते हैं मोदी-अल्बनीज 

जयशंकर की यह टिप्पणी इसलिए खास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21-23 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी 20-22 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में रहेंगे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना है, जिसके लिए तैयारियां चल रही हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने कहा-भारत के साथ सबंधों को प्राथमिकता

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने कहा:“यह मेरी और विदेश मंत्री जयशंकर के साथ 26वीं बैठक है। हमारी साझेदारी अब अगले चरण में प्रवेश कर रही है। हमें और भी महत्वाकांक्षी, भविष्य-केंद्रित एजेंडा तय करना है। भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और गहरा करना अल्बनीज सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

दोनों देशों का साझा विज़न

जयशंकर ने जोर देकर कहा कि यह साझेदारी आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर टिकी है। यह बैठक दोनों देशों के बीच तेज़ी से बढ़ते रणनीतिक गठजोड़ का एक और मज़बूत कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जी-20 के दौरान होने वाली संभावित मोदी-अल्बनीज मुलाकात इस साझेदारी को और नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध अब सिर्फ दोस्ती तक ही सीमित नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू कर चुके हैं।

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