SIR-2: गोवा, लक्षद्वीप में 100 फीसदी फॉर्म बंटे, डिजिटलीकरण का काम अब भी काफी पीछे

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गोवा और लक्षद्वीप में ईएफ का पूर्णतः 100 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है, जिसके बाद अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत तथा गुजरात में 99.69 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है.

नई दिल्ली:

SIR Phase II: बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य तेजी से जारी है. निर्वाचन आयोग के इस अभियान को SIR-2 के नाम से जाना जाता है. चुनाव आयोग की ओर से जारी डेली बुलेटिन में बताया गया कि सोमवार 24 नवंबर तक गोवा और लक्षद्वीप में एसआईआर के गणना फॉर्म को बांटने का काम 100 फीसदी पूरा कर लिया गया है. जबकि अन्य राज्यों में भी गणना फॉर्म बंटने का काम अंतिम दौर में है. हालांकि डिजिटलीकरण का काम अब भी लक्ष्य से काफी पीछे है.

सोमवार दोपहर 3 बजे जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार राष्ट्रव्यापी ईएफ वितरण 99.07 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) द्वारा मज़बूत क्षेत्रीय लामबंदी और बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) की भागीदारी को दर्शाता है.

4 नवंबर से शुरू हुआ था एसआईआर का दूसरा चरण

4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक चलने वाले वर्तमान गणना चरण के दौरान, पात्र 50.97 करोड़ मतदाताओं में से कुल 50.50 करोड़ मतदाता सूची वितरित की जा चुकी है. हालाँकि, डिजिटलीकरण अभी भी वितरण से पीछे है, अब तक 24.13 करोड़ फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं- जो कि कुल डिजिटलीकरण दर 47.35 प्रतिशत है.

गोवा और लक्षद्वीप में फॉर्म बंटने का काम पूरा

गोवा और लक्षद्वीप में ईएफ का पूर्णतः 100 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है, जिसके बाद अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.83 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत तथा गुजरात में 99.69 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है.

यूपी में 15.38 करोड़ से ज्यादा वोटरों को मिला फॉर्म

मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश ने 15.38 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं को कवर करते हुए 99.62 प्रतिशत वितरण हासिल किया है. पुडुचेरी में 95.58 प्रतिशत, तमिलनाडु में 96.22 प्रतिशत और केरल में 97.23 प्रतिशत के साथ सबसे कम ईएफ वितरण दर्ज किया गया.

डिजिटलीकरण में लक्षद्वीप सबसे आगे

डिजिटलीकरण के मामले में, लक्षद्वीप 96.81 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, उसके बाद गोवा में 76.89 प्रतिशत और राजस्थान में 72.20 प्रतिशत डिजिटलीकरण हुआ है. केरल में सबसे कम डिजिटलीकरण प्रगति केवल 23.72 प्रतिशत दर्ज की गई है, उसके बाद उत्तर प्रदेश में 26.60 प्रतिशत डिजिटलीकरण हुआ है.

राजस्थान के आंकड़ों में अंता विधानसभा सीट शामिल नहीं

चुनाव आयोग ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सत्यापन और डिजिटलीकरण में तेज़ी लाने के लिए और अधिक बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त करने का आग्रह किया गया है. चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि राजस्थान के आंकड़ों में अंता विधानसभा क्षेत्र शामिल नहीं है, जहाँ उपचुनाव के कारण संशोधन स्थगित कर दिया गया था.

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