नई दिल्ली । अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी समूह इस महीने के अंत में सिंगापुर में एक निवेशक सम्मेलन (Investor Conference) आयोजित करने जा रहा है। इसका उद्देश्य है — वैश्विक निवेशकों के बीच विश्वास बहाल करना और समूह के अंतरराष्ट्रीय शेयरधारक आधार का विस्तार करना।
सम्मेलन की तारीखें और उद्देश्य
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, यह सम्मेलन 24 और 25 नवंबर, 2025 को होगा।
इस दौरान समूह की प्रबंधन टीमें इक्विटी और क्रेडिट निवेशकों, बैंकों और बांड रेटिंग एजेंसियों के साथ बैठकों में हिस्सा लेंगी।
इस बैठक का फोकस रहेगा —
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समूह के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की निवेश योजनाओं पर पारदर्शिता बढ़ाना,
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और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विश्वसनीयता एवं निवेशक भरोसे को मजबूत करना।
वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी
सम्मेलन में अडानी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जुगेशिंदर सिंह के साथ समूह की कई कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
लंदन में हुए एक पूर्व निवेशक कार्यक्रम के दौरान जुगेशिंदर सिंह ने कहा था कि समूह अगले पांच वर्षों में अपने ऋण अनुपात (leverage) को काफी हद तक कम करने की दिशा में काम कर रहा है।
पिछली चुनौतियों के बाद भरोसा बहाली का प्रयास
यह सम्मेलन ऐसे समय पर आयोजित हो रहा है जब 2023 में आई शॉर्टसेलर रिपोर्ट और अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) की एक कथित रिश्वतखोरी जांच के बाद समूह की साख पर सवाल उठे थे — हालांकि अडानी समूह ने इन सभी आरोपों को सख्ती से नकार दिया था।
सिंगापुर सम्मेलन को विश्वास बहाली के अगले बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राइट्स इश्यू और बॉन्ड कवरेज
बुधवार को अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने मौजूदा शेयरधारकों के लिए राइट्स इश्यू की घोषणा की, जिसमें 24% छूट पर स्टॉक की पेशकश की गई है।
इससे कंपनी का लक्ष्य लगभग ₹24,930 करोड़ (US $2.8 बिलियन) जुटाना है।
इसके अलावा, बोफा सिक्योरिटीज (BofA Securities) ने इस सप्ताह कुछ अडानी ग्रुप डॉलर बॉन्ड्स पर “ओवरवेट” रेटिंग दी है।
फर्म ने रिपोर्ट में कहा कि समूह की EBITDA वृद्धि, क्षमता विस्तार और उत्तोलन में कमी (deleveraging) उसे वित्तीय रूप से अधिक मजबूत बना रहे हैं।
वैश्विक विस्तार पर फोकस
अडानी समूह का यह सम्मेलन उसके अंतरराष्ट्रीय निवेशक संवाद के नए चरण का हिस्सा है।
ग्रुप पहले लंदन और दुबई में इसी तरह की बैठकों का आयोजन कर चुका है, जहां निवेशकों को समूह की परियोजनाओं — जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह अवसंरचना, और ग्रीन हाइड्रोजन विकास — के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी।