आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पर्याप्त नींद लेना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। शुरुआत में इसकी कमी सिर्फ थकान के रूप में महसूस होती है, लेकिन लगातार कम नींद लेने से शरीर कई ऐसे संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नींद सिर्फ आराम करने का समय नहीं है। इसी दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है, ऊर्जा वापस हासिल करता है और दिमाग दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित करता है। अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती तो इसका असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ सकता है।
अगर आपको दिनभर बार-बार चाय या कॉफी पीने की जरूरत महसूस होती है, तो यह नींद की कमी का संकेत हो सकता है। कैफीन कुछ समय के लिए थकान को दबा सकती है, लेकिन यह अच्छी नींद की कमी पूरी नहीं कर सकती।
नींद पूरी न होने पर मीठा, फास्ट फूड या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाने की इच्छा भी बढ़ सकती है। इसकी वजह शरीर में भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन्स का असंतुलन होता है, जिससे शरीर जल्दी ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों की मांग करने लगता है।
अगर छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगे, चिड़चिड़ापन बढ़ जाए या मूड बार-बार खराब रहने लगे, तो इसके पीछे भी नींद की कमी एक कारण हो सकती है। पर्याप्त नींद न मिलने पर दिमाग भावनाओं को संतुलित रखने में पहले जितना सक्षम नहीं रहता।
इसके अलावा अगर ध्यान लगाने में परेशानी, चीजें भूलना, निर्णय लेने में कठिनाई या बार-बार सर्दी-जुकाम और संक्रमण जैसी समस्याएं होने लगें, तो यह भी शरीर का संकेत हो सकता है कि उसे पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है। लगातार कम नींद लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि ये सभी लक्षण सिर्फ नींद की कमी के कारण ही हों, ऐसा जरूरी नहीं है। तनाव, चिंता, थायरॉयड, पोषण की कमी, ब्लड शुगर की समस्या या कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसलिए यदि ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।