भारत-अमेरिका के बीच 10 साल का ऐतिहासिक रक्षा समझौता — “रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत” : अमेरिकी युद्ध सचिव

108 0

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी ने एक नया मील का पत्थर छू लिया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने 10-वर्षीय रक्षा ढांचा समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि “भारत-अमेरिका के रक्षा संबंध पहले कभी इतने मज़बूत नहीं रहे।” यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, सूचना साझाकरण और तकनीकी तालमेल को और मज़बूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

हेगसेथ ने बताया कि उन्होंने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी “क्षेत्रीय स्थिरता और प्रतिरोध की आधारशिला” साबित होगी। अमेरिकी मंत्री ने यह भी कहा कि यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य को मजबूत करेगा।

समझौते के बाद हेगसेथ ने राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “भारत-अमेरिका संबंध दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक रिश्तों में से एक हैं। यह साझेदारी साझा हितों, आपसी विश्वास और एक सुरक्षित हिंद-प्रशांत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर आधारित है।” उन्होंने 10-वर्षीय रक्षा ढांचे को “महत्वाकांक्षी” बताते हुए कहा कि यह दोनों सेनाओं के लिए गहन सहयोग की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करेगा।

यह बैठक मलेशिया के कुआलालंपुर में आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की दूसरी अनौपचारिक बैठक के दौरान हुई। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य आसियान देशों के साथ सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाना तथा भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” को आगे बढ़ाना है।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ताएँ भी चर्चा में हैं। हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी। जयशंकर ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में ऊर्जा व्यापार, बाजार पहुंच और आपूर्ति श्रृंखला के संकुचन पर चिंता जताई। उन्होंने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाने और गाजा व यूक्रेन जैसे संघर्षों के समाधान के प्रयासों को तेज़ करने का आह्वान किया।

इस बीच, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत किसी भी समझौते पर जल्दबाज़ी में हस्ताक्षर नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत दीर्घकालिक और संतुलित व्यापार साझेदारी चाहता है जो दोनों देशों के हितों की रक्षा करे।

स्पष्ट है कि रक्षा, कूटनीति और व्यापार के मोर्चे पर भारत-अमेरिका संबंध नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। दोनों देशों के बीच यह 10-वर्षीय रक्षा समझौता न केवल सैन्य सहयोग का प्रतीक है बल्कि यह आने वाले दशक में वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के नए युग की नींव रख सकती है।

Related Post

“जेडी वांस पर उठा अजीब सवाल—परिवार को भारत भेजने की चर्चा क्यों?”?

Posted by - December 8, 2025 0
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा है कि अमेरिका में बड़े पैमाने पर हो रहा प्रवास “अमेरिका ड्रीम (सपने)”…

तुलसी गबार्ड का इस्तीफा: पारिवारिक वजह या ट्रंप प्रशासन में बढ़ती अंदरूनी कलह?

Posted by - May 23, 2026 0
अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा…

डोनाल्ड ट्रंप का फैसला, इस खास देश को किया G-20 2026 सम्मेलन से बाहर, नहीं भेजेंगे निमंत्रण

Posted by - November 27, 2025 0
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फैसला किया है कि दक्षिण अफ्रीका को अगले साल अमेरिका में होने वाले G-20 2026…

दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में दहशत, एक्सपर्ट ने कहा- ‘भारत कर सकता है कार्रवाई’

Posted by - November 11, 2025 0
भारत की राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान के भीतर दहशत का माहौल है।…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *