पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के अंतिम चरण के बाद जारी एग्जिट पोल में जहाँ अधिकांश सर्वेक्षण एनडीए को बढ़त दे रहे हैं, वहीं राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने इन अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेजस्वी ने दावा किया कि इस बार जनता ने “बदलाव के लिए वोट किया है, न कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाए रखने के लिए।”
पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा, “जब लोग वोट डाल ही रहे थे, तब तरह-तरह के एग्जिट पोल दिखाए जा रहे थे। यह सब मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है। मुझे मतगणना में देरी की आशंका है, लेकिन हमें ज़मीनी स्तर से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।” उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, “हमें 160 से ज़्यादा सीटें मिलने वाली हैं।”
राजद नेता ने 1995 के चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस समय जनता दल को सभी पूर्वानुमानों के विपरीत भारी बहुमत मिला था, वैसे ही इस बार भी महागठबंधन जनता का भरोसा जीतने जा रहा है। तेजस्वी के अनुसार, इस बार 76 लाख नए वोट पड़े हैं और ये वोट “परिवर्तन की चाहत” को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “यह अतिरिक्त वोट नीतीश कुमार को सत्ता में बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि बदलाव के लिए हैं।”
तेजस्वी ने एग्जिट पोल एजेंसियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये एजेंसियाँ अपने सैंपल साइज़ का खुलासा नहीं कर रही हैं, जिससे उनके सर्वेक्षणों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। “2024 के लोकसभा चुनाव में भी इन्हीं एग्जिट पोल्स ने एनडीए को 400 से ज़्यादा सीटें दी थीं, लेकिन नतीजे सबके सामने हैं,” उन्होंने कहा।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उन्होंने राज्यभर में 85 जनसभाएँ कीं और युवाओं व महिलाओं के बीच “परिवर्तन की तीव्र इच्छा” महसूस की। उनका कहना है कि इस बार का जनादेश बेरोज़गारी, महँगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ है।
बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या तेजस्वी यादव का आत्मविश्वास सही साबित होता है या एग्जिट पोल्स का अनुमान।